पूर्वांचल में सुबह से ही मयखाने शुरु हो, दाम भी अधिक

यूपी सरकार लाख दावे करे कि राज्य में शासन की हनक है, लेकिन वास्तविकता ये है कि मनमानी जारी है। आजमगढ़, जौनपुर, मऊ, बलिया समेत पूरे पूर्वाचल में समय से पहले ही खुल रही हैं और कोई इन पर अंकुश लगाना तो दूर इन्हें रोकने वाला नहीं है। शासन की ओर से प्रदेश में चलने वाली सरकारी देशी व विदेशी शराब तथा बीयर की दुकानों को दिन के 12 बजे के पश्चात खोलने का आदेश पारित किया है और इन दुकानों को रात के दस बजे बन्द कर देना है।

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शासन के इस आदेश का पालन प्रदेश के अन्य स्थानों पर हो रहा है या नही, यह तो नही कहा जा सकता किन्तु पूर्वांचल में कहीं भी इस आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। उदाहरण के तौर पर आजमगढ़ जिला मुख्यालय के रेलवे स्टेशन मोड़ का उल्लेख किया जा सकता है। इस मोड़ के ठीक सामने आजमगढ़ वाराणसी मुख्य राजमार्ग पर स्थित ये दुकान सुबह दस बजे के पहले ही खुल जाती है और रात को दस बजे के बाद भी खुली रहती है। जब जिला मुख्यालय के शराब की दुकान की यह स्थिति है तो गांव देहात के शराब की दुकानों की क्या स्थिति होगी, इसकी कल्पना की जा सकती है।

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इसी तरह से आजमगढ़ जनपद के रेशमनगरी के नाम से अपनी पहचान रखने वाले मुबारकपुर थाना क्षेत्र के टुनटुन मोड़ पर चलने वाले सरकारी देशी शराब की दुकान के लिये शासन का आदेश कोई मायने नही रखता। यहां प्रातः काल से ही पांच से लेकर पन्द्रह रुपये अधिक लेकर खुलेआम शराब की बिक्री की जाती है। जबकि शराब की यह दुकान मुबारकपुर थाने से चन्द कदम की ही दूरी पर स्थित है। सब मिलाकर पूर्वांचल की अधिकांश शराब दुकानों पर समय सीमा लागू नहीं होेता हैै। ऐसा नहीं है कि शराब की दुकान के ठेकेदार यूं ही यह मनमानी कर रहे हैं। पुलिस, आबकारी महकमा व जिला प्रशासन की मिलीभगत से यह खेल चल रहा है। इसी तरह बलिया, मऊ, जौनपुर के भी उदाहरण दिए जा सकते हैं।

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पूर्वांचल में समय से पहले दुकानें तो खुल ही रही हैं, देशी शराब का पौवा दो दामों में आ रहा है। एक जो कम डिग्री का शराब है उसका मूल्य 45 रूपये व जो अधिक डिग्री का है वह 65 रूपये का है। पूर्वांचल के सरकारी देशी शराब के ठेकों पर 12 बजे दिन से रात के 10 बजे तक 45 रुपये की शीशी 50 रुपये एवं 65 रुपये की शीशी 70 रुपये में खुलेआम बिकती है। जब कि प्रातःकाल से दिन के 12 बजे तक 45 रुपये की शीशी 60 रुपये एवं 65 रुपये वाली 80 रुपये में दी जाती है ।

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इसके साथ ही गद्दीदार बगल की चाय पान की दुकानों पर आवश्यकतानुसार शीशी दे देता है जो 15 रूपये अधिक लेकर प्रातःकाल से ही शराब बेचता रहता है और इस बढ़ी हुई रकम में से चाय पान विक्रेता और गद्दीदार आधा आधा बांट लेते है। इस कार्य से चाय पान विक्रेता को भी अच्छी आमदनी हो जाती है। 12 बजे के बाद से बिकने वाली शराब पर पांच रुपये अधिक लिया जाता है। कहा जाता है कि आबकारी विभाग इस बढ़ी हुई शीशी का आधा हिस्सा लेता है। इस प्रकार आबकारी विभाग की मिलीभगत से जनता का खुले आम दोहन किया जा रहा है।

आजमगढ से संदीप अस्थाना

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