कौन छापा मारेगा शराब की दुकान पर….!

सरकार को अब चिंता हुई है कि बाजार में जो सरकारी शराब की दुकानें हैं उन पर मिलने वाली शराब की क्वालिटी अच्छी होनी चाहिए। बाराबंकी में सरकारी दुकान से खरीद कर पीने वाले 24 लोगों की मौत के बाद सरकार की चिंता इस तरफ ज्यादा हो गई है। लेकिन शराब की दुकानों पर छापेमारी तथा नमूने लेने का अधिकार खाद्य सुरक्षा विभाग के पास होगा या आबकारी के पास, इस पर अभी निर्णय अभी होना बाकी है।

बाराबंकी, सीतापुर में धरपकड़, बाकी जगह जारी है धंधा

इसी को ध्यान में रखते हुए शराब को भी खाद्य सुरक्षा अधिनियम के दायरे में लाने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत अन्य पदार्थों की तरह शराब की दुकानों से भी जांच के लिए नमूने लिए जाएंगे। शराब की गुणवत्ता के मानक तय किए जा रहे हैं। नियमावली भी बनाई गई है। जल्द ही इसे लागू करने की तैयारी है।

जहरीली शराब पीकर मौत की घटनाएं पिछले दो ढाई साल में बहुत बढ़ गई हैं। आजमगढ़, कुशीनगर, सहारनपुर और बाराबंकी में कई बड़ी घटनाएं हो चुकी है जिनमें 200 से अधिक लोग मर चुके हैं। दूसरी तरफ शराब में मिलावट खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। नशा बढ़ाने के लिए शराब में खतरनाक रसायन मिलाए जाने का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है।

शराब की खरीद पर नहीं देते रसीद, बड़ा खेल है पीछे

बाराबंकी में ऐसा ही मामला सामने आया था, लेकिन इस तरह की घटनाओं पर नियंत्रण की कोई प्रभावी व्यवस्था अभी तक नहीं है। आबकारी विभाग शराब के वैध और अवैध कारोबार पर तो निगरानी रखता है लेकिन शराब की गुणवत्ता और उसमें मिलावट पर जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। जहरीली शराब से मौत की घटनाओं के बाद जांच की औपचारिकता जरूर पूरी की जाती है।

इसी के मददेनजर अब शराब को भी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अंतर्गत लाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके तहत अन्य खाद्य पदार्थों की तरह शराब के नमूने भी किसी दुकान से लिए जा सकेंगे। इसकी जांच विभाग के लैब में कराई जाएगी। गलत रिपोर्ट मिली तो दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस नियमावली के लागू होने केे बाद मिलावटी और जहरीली शराब की बिक्री पर नियमित निगरानी तथा प्रभावी नियंत्रण हो जाने की उम्मीद है।

अंग्रेजी में भी मिलावट, बाजार भाव से सस्ती बेचते थे

तैयार की गई नियमावली के अनुसार कई श्रेणियां बनाई गई हैं जिनके अनुसार शराब के अलग-अलग मानक तय किए गए हैं। उनमें अल्कोहल के अलावा अन्य पदार्थों की मात्रा भी निर्धारित की गई है। इससे अधिक या कम मात्रा होने पर दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान होगा। दुकानों पर छापेमारी तथा नमूने लेने का अधिकार खाद्य सुरक्षा विभाग के पास होगा या आबकारी के पास, इस पर अभी निर्णय अभी होना है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के दायरे में शराब के साथ ताड़ी तथा अन्य नशीले पदार्थ भी लाए जाएंगे। ताड़ी और भांग में भी मिलावट की शिकायतें आम है। इसलिए इनके नमूनों की भी नियमित जांच का प्रावधान होगा।

चीयर्स डेस्क

loading...
Close
Close