बाराबंकी, सीतापुर में धरपकड़, बाकी जगह जारी है धंधा

बाराबंकी कांड के बाद सरकार के कान पर बस इतनी भर जूं रेंगी है कि यूपी के मुख्य सचिव श्री अनूप चंद्र पांडेय ने यूपी के सभी डीएम और एसपी को सख्त निर्देश दिए हैं कि अगर किसी के जिले में अवैध शराब पाई गई तो सीधे डीएम और एसपी को जिम्मेदार माना जाएगा। मुख्य सचिव ने यूपी के आबकारी आयुक्त को भी इसके लिए कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि ये सुनिश्चित किया जाए कि यूपी के किसी भी हिस्से में अवैध शराब न मिले। उन्होंने कहा कि जिस जिले में अवैध शराब पाई गई वहां के आला अधिकारियों सहित अन्य सम्बंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य सचिव के निर्देशों का ही असर है कि लखनऊ की सभी शराब की दुकानों की जांच का फैसला किया गया है। पहले रैंडम आधार पर दुकानों की जांच के निर्देश प्रशासन की ओर से जारी हुए थे। बाराबंकी जिले में कुछ ज्यादा ही सक्रियता दिखाई गई है और दर्जनों दुकानों को बंद करा दिया गया है। जाहिर है कि इन दुकानों को इसी आधार पर बंद कराया गया है कि इनमें वैध शराब नहीं मिल रही थी। लेकिन अभी भी इस तथ्य को छिपाया जा रहा है। बाराबंकी में अवैध शराब का जाल कितना जबर्दस्त ढंग से फैला हुआ है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल बाराबंकी में ही पिछले 10 वर्षों में विभिन्न थानों में 72 लोगों को जेल भेजा गया लेकिन किसी को भी माफिया घोषित नहीं किया गया। इनसे सम्बंधित मुकदमों की विवेचना भी अब पुनः शुरु करने की बात एएसपी ने की है जब 24 बेगुनाह शराब उपभोक्ताओं की जान चली गई। अगर ये काम पहले ही हो गया होता तो शायद ये 24 बेगुनाह बच गए होते।

उधर सीतापुर में तीन लोगों के मरने के बाद प्रशासन ने धर पकड़ तेज की है और शहर की कई दुकानों में छापा मारा गया है। लेकिन सीतापुर के ग्रामीण इलाकों में प्रशासन ने कोई धरपकड़ नहीं की। नतीजा ये है कि दो दिन बाद फिर से दुकानें पूर्व की तरह ही खुलने लगी हैं और उन पर पहले की तरह ही शराब भी बिकने लगी है। जो तीन लोग मरे थे उनके परिजनों को मुआवजा देने न देने पर भी अभी तक जिला प्रशासन मौन है बल्कि जिला प्रशासन ये मानने को ही नहीं तैयार है कि जो मरे थे वह अवैघ देशी शराब पीकर मरे थे।

बाराबंकी में 24 और सीतापुर में तीन लोग अवैघ शराब पीकर मरे थे तो इतनी कार्रवाई हुई। यूपी के बाकी जिलों में शराब का धंधा पूर्व की भांति बेरोकटोक जारी है। पश्चिमी जिलों में अभी इस साल के शुरु में ही कई स्थानों पर अवैध शराब पकड़ी गई थी। सहारनपुर में करीब 100 लोग मर भी गए थे। बागपत, बुलंदशहर, ग्रेनो और मुजफ्फरनगर में भी अवैध शराब पकड़ी गई थी लेकिन शराब पर अंकुश लगा हो, यह दावा इन जिलों का प्रशासन नहीं कर पा रहा है।

चीयर्स डेस्क

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