छलकता जाम लगा सकता है दिल की धड़कनों पर विराम

जो लोग नियमित शराब पीते हैं, लेकिन एक निश्चित मात्रा में और इत्मीनान से समय लगाकर, उन्हें शराब नुकसान नहीं करती लेकिन आपा धापी में चलते फिरते और अत्यधिक मात्रा में पीने वालों के लिए चेतना जरूरी है। यह पता होना चाहिए कि दिल को जितना खतरा ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, स्मोकिंग और मोटापे जैसी चीजों से होता है, उतना ही खतरा शराब के अतिरिक्त सेवन से भी होता है। ये बात एक हालिया स्टडी में सामने आई है।

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यह स्टडी जर्नल ऑफ द अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी में प्रकाशित की गई है। ज्यादा मात्रा में शराब के सेवन से हार्ट अटैक, एटरियल फैब्रिलेशन (दिल की धड़कनों का अचानक कम ज्यादा होना) और हार्ट फेल्योर का खतरा बढ़ जाता है। इस अवस्था में जितने लोगों की मौत हुई है उनमें से अधिकांश में डाॅक्टरों ने बताया कि शराब पीने के बाद व्यक्ति को पता ही नहीं चल पाया कि उसके शरीर में कहां क्या हो रहा है। वह नशे में धुत हो गया और उसके शरीर के कुछ अंगों ने काम करना कम कर दिया या बंद कर दिया।

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इस बारे में जागरूकता बढ़ रही है लेकिन अभी भी बचाव और इलाज के बावजूद हर साल दिल के मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ रही है। रिसर्चर्स का कहना है कि शराब के सेवन को कम करके दिल की बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है। अमेरिका के सैन फ्रैंसिस्को स्थित कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में डिविजन ऑफ कार्डियोलॉजी के एमडी, डायरेक्टर ऑफ क्लीनकल रिसर्च जॉर्ज एम. मरकस ने कहा कि हमने पाया कि जिन लोगों में पहले से दिल की बीमारियों का खतरा नहीं है तो भी शराब का सेवन इन खतरों को बढ़ा देता है।

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रिसर्चर्स ने कैलिफोर्निया के 21 साल और उससे ज्यादा की उम्र के सभी लोगों का डेटा एकत्र किया जिन्हें 2005 और 2009 के बीच चल शल्य चिकित्सा (एंबुलेटरी सर्जरी), आपात स्थिति चिकित्सा देखभाल (एमर्जेंसी मेडिकल केयर) दी गई थी। करीब 1.47 करोड़ डायबिटीज के मरीजों में से करीब 1.8 फीसदी या करीब 2 लाख 68 हजार मरीजो में शराब के सेवन करने की पहचान की गई।

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इस डेटा के विश्लेषण के बाद उन्होंने पाया कि शराब के कारण हार्ट अटैक का खतरा डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और मोटापे की वजह जितना ही खतरनाक है। रिसर्चर्स का कहना है कि अगर शराब के खतरे को पूरी तरह हटा दिया जाता तो सिर्फ अमेरिका में ही हार्ट अटैक के 34 हजार, हार्ट फेल्योर के 91 हजार मरीज कम हो जाते।

चीयर्स डेस्क

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