बाराबंकी शराब कांड के बाद जागी यूपी सरकार

साल 2019 की शुरूवात से ही यूपी सरकार में जहरीली शराब से जुड़ी कई ऐसी घटनाएं हो गई, जिसमें कई लोगों की जानें चली गईं , सहानपुर कुशीनगर और अब बाराबंकी में सैकडों लोगों की जान जाने के बाद यूपी की सरकार ने जहरीली शराब और उन से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का फैसला किया है।

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक की। इसमें मुख्यमंत्री शराब में मिलावट पर सख्त नजर आए। उन्होंने अफसरों से कहा कि बाराबंकी जैसी घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए। ऐसी घटनाओं की तह तक जाएं। ऐसा कौन लोग कर रहे हैं, कब से कर रहे हैं, इसका पूरा पता लगवाएं। साथ ही इसमें संलिप्त लोगों का राजनीतिक संबंध या संरक्षण हो, तो उसकी भी पूरी पड़ताल करें। सीएम ने कहा कि यह भी देखें कि क्या ये सिर्फ मुनाफे के लिए किया जा रहा हैं या उनकी मंशा सरकार को बदनाम करने व अव्यवस्था फैलाने की है।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि जहर का कारोबार कर, लोगों की जिंदगी बर्बाद करने वालों के खिलाफ स्थानीय प्रशासन, पुलिस व आबकारी विभाग तालमेल बनाकर अभियान चलाएं। जरूरत हो, तो इनकी संपत्तियां जब्त करें। इनपर एनएसए लगाकर जेल भेज दें। शराब की हर दुकान की जांच होनी चाहिए, अवैध शराब जहां बन रही है उस क्षेत्र के पुलिस थाना को जवाबदेह बनाया जाए।

हर शराब की दुकान पर पीएसओ मशीन लगाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सार्वजनिक स्थलों जैसे मन्दिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा, स्कूल, अस्पताल और आबादी के पास शराब की दुकानें न खोली जाए। आबकारी विभाग खुद जांच कराए और सुनिश्चित करें  कि तय दूरी के मानक का अनुपालन हो रह है या नहीं।

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उन्होंने कहा कि तकनीकी का समुचित प्रयोग कर आबकारी विभाग की व्यवस्था को मजबूत किया जाए। हर शराब की दुकान पर पीओएस मशीन जितना जल्दी संभव हो लगाया जाए। पीओएस मशीन लगाने की बात तो बहुत दिनों से चल रही है लेकिन अभी तक यह नहीं तय हो पा रहा है कि ये  कब से लागू  होगा। समीक्षा बैठक में आबकारी मंत्री जयप्रताप सिंह, मुख्य सचिव अनूप चंद्र पाण्डेय, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल, विभागीय प्रमुख सचिव कल्पना अवस्थी, अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी भी मौजूद थे।

चीयर्स डेस्क

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