शराब माफिया ने की सब इंस्पेक्टर की पीट पीटकर हत्या

अवैध शराब ने एक और जान ले ली, इस बार दिल्ली पुलिस के सब इंस्पेक्टर अवैध शराब माफिया का शिकार हो गए। दिल्ली में कहने को तो सख्ती बहुत है, लेकिन ये सिर्फ कुछ इलाकों तक ही सीमित है। पूर्वी दिल्ली, यानी जमना पार के इलाके में तो अवैध शराब माफिया की तूती बोलती है। यहां पुलिस को जब तब इसका सामना भी करना पड़ता है और इस बार तो एसआई राजकुमार की हत्या कर दी गई। पुलिस ने आरोपी विजय उर्फ भूरी को गिरफ्तार कर लिया है।

ज़हरीली शराब से मरे, न मुआवज़ा, न पकड़ा गया माफिया

मृतक राजकुमार के परिजनों के अनुसार, रविवार रात 9ः30 बजे राजकुमार टहलने निकले थे। इस दौरान उन्होंने कस्तूरबा नगर चौक पर शराब के अवैध कारोबार की गतिविधि देखी जिसका वह वीडियो बनाने लगे। यह देख भूरी भड़क गया और हाथपाई करने लगा। इस दौरान वह पास की दुकान से कैंची लाया और राजकुमार पर कई वार किए। घायल एसआई को उनकी बेटी किसी तरह अस्पातल ले गई लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

तेज और टिकाऊ बनाने में जहर हो जाती है शराब

विवेक विहार में अवैध शराब के कारोबार का विरोध करने पर रविवार को जान गंवाने वाले एसआई राजकुमार और उनका परिवार इस धंधे से जुड़े लोगों के निशाने पर था। अवैध शराब के धंधे से जुड़े लोगों ने उन्हें चार दिन पहले मारने की धमकी दी थी और रविवार को उनकी हत्या कर दी।
दरअसल, विवेक विहार के कस्तूरबा नगर में बड़ी संख्या में लोग शराब और नशीले पदार्थ का अवैध कारोबार करते हैं। एसआई राजकुमार इसका विरोध करते थे। अवैध शराब का धंधा रोकने के लिए दिसंबर 2018 में कस्तूरबा नगर चौक के पास पुलिस बूथ बनाया गया था। आरोपियों को शक था कि एसआई की शिकायत पर ही पुलिस बूथ बना है और पुलिस उनके ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

शराब व्यापारियों के आगे नहीं चल पाती पुलिस की

पुलिस के मुताबिक, राजकुमार की पत्नी शशिबाला ने बताया कि चार दिन पहले अवैध शराब का धंधा करने वाली चार महिलाएं उनके घर पहुंचीं और झगड़ा करने लगी। महिलाओं का कहना था कि राजकुमार की शिकायत पर पुलिस उनके ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। वे परिवार को देख लेने की धमकी देकर गई थीं। हालांकि, एसआई ने धमकी को गंभीरता से नहीं लिया और उनकी जान चली गई। दूसरी तरफ सूत्रों के मुताबिक, मेडिकल जांच में मारपीट के बाद हार्टअटैक से एसआई की मौत होने की बात सामने आ रही है। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत के सही कारण का पता चलेगा। शशिबाला का आरोप है कि आरोपी उनके पति की हत्या की साजिश पिछले 15 दिनों से रच रहे थे। आरडब्ल्यूए के एक पदाधिकारी ने उन्हें इस बारे में आगाह किया था।

देशी नहीं तो कच्ची से काम चलाने पर मजबूर ग्रामीण

राजकुमार की बेटी वैशाली का आरोप है कि इलाके में पुलिस बूथ नाम के लिए ही बनाया गया है। बूथ बनने के बाद भी इलाके में शराब और मादक पदार्थों का कारोबार नहीं रुक सका है। उनका आरोप है कि पुलिस की इलाके में मादक पदार्थों का अवैध कारोबार चलवाने के लिए बड़ी रकम लेती है, जिसका खामियाजा उनके पिता को भुगतना पड़ा है। एसआई राजकुमार की मौत के बाद अब परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटियां ही बची हैं, जबकि तीसरी बेटी की पहले ही शादी हो चुकी है। राजकुमार की हत्या के बाद अब परिवार को अपनी सुरक्षा का डर सता रहा है। उन्हें डर है कि शराब का अवैध धंधा करने वाले लोग उन्हें निशाना बना सकते हैं।

चीयर्स डेस्क

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