गोवा में ‘बीच पर शराब बंदी’ विधेयक पेश

सैलानियों के लिए एक बुरी खबर है, दुनिया भर में अपने खूबसूरत बीच के लिए मशहुर गोवा में अब खुले आसमान के नीचे बीच पर नहाते हुए या बीच किनारें आराम फरमाते हुए शराबनोशी महंगी पड़ सकती है। गोवा यू तो समुद्र के किनारे बनें हुए दर्जनों बीच पर मस्ती के लिए विख्यात है लेकिन गोवा की असली सुन्दरता अपने इन्ही समुद्री बीच से है। अब इन्ही मनमोहक किनारों पर सैलानी शराब नही पी पाएगें तो उन्हे मायूसी जरूर होगी। राज्य सरकार ने बुधवार को विधानसभा में खुले में शराब पीने व खाना बनाने से संबंधित बिल (गोवा टूरिस्ट प्लेसेस प्रटेक्शन ऐंड मेंटनेंस ऐक्ट 2001) पेश किया। इसके अंतर्गत  खुले में शराब पीने और खाना बनाने वाले लोगों पर अधिकतम 10 हजार रुपए तक जुर्माना लगाया जाएगा। इसके तहत निजी रूप से कानून तोडने वालों पर 2,000 रुपए जबकि सामूहिक रूप से ऐसा करने वालों पर 10,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।  अगर कोई जुर्माना नहीं देता है तो उसे तीन महीने की सजा दी जा सकती है और इस तरह की कोई घटना आगे देखने को मिलती है तो उस व्यक्ति की तस्वीर पर्यटन मंत्रालय को व्हाट्सएप करने के बाद उसके खिलाफ 12 घंटे के भीतर कार्रवाई की जाएगी।

दक्षिण तथा उत्तर गोवा में कुल मिलाकर 50 से अधिक बीच है। गोवा में हर साल लाखों सैलानी बीच के किनारें मस्ती करते देखे जा सकते है तथा गोवा सरकार के राजस्व का तीसरा सबसे बड़ा स्त्रोत पर्यटन है, गोवा पर्यटन विभाग के अनुसार, गोवा में साल 2018 में दिसम्बर महीने तक, कुल 54 लाख 80 हजार 773  सैलानी घूमने आए जिनमे भारतीयों की संख्या 48 लाख 76 हजार 359 थी तथा विदेशियों की संख्या 6 लाख 4 हजार 414 थी, सैलानियों  द्वारा इन बीचों पर रात में पार्टी करना, शराब के नशें में धुत होकर नाचना, आम बात है, गोवा में बहुत से विदेशी सैलानी भी आते है जो गोवा की नाइट पार्टी का लुत्फ़  उठातें है जहां खुले आसमान के नीचे शराब व कबाब दोनो ही चलता है, लेकिन गोवा सरकार का खुले में शराब न पीने देने के फैसले से, गोवा के राजस्व में भी कमी आ सकती है।

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