कांग्रेस नेता मिले बाराबंकी कांड में मृृतकों के परिजनों से

हाल के चुनावों में कांग्रेस की करारी हार का असर ही है कि यूपी में पहली बार अवैध देशी शराब से मरने वालों के मुद्दे ने सियासी आकार लेना शुरु किया है। पहले तो ये कभी मुद्दे भी नहीं बना, ऐसा शायद पहली बार हो रहा है कि अवैध देशी शराब पीकर मरने वाले उपभोक्ताओं के परिजनों से मिलने कोई सियासी दल उनके द्वार पर पहुंचा हो। कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार और बाराबंकी लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस  प्रत्याशी रहे तनुज पुनिया के नेतृत्व में कांग्रेसी नेताओं ने रामनगर कांड में मरने वालों के परिजनों से मिलकर उनका दुख बांटा और यूपी सरकार पर इनकी उपेक्षा का आरोप लगाया।
कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 143 लोग अवैध जहरीली शराब पीकर मर चुके हैं लेकिन

सरकार इस ओर ध्यान नहीं देती। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले पर इस्तीफे की भी मांग की। इन नेताओं ने कहा कि सरकारी संरक्षण में ही चल रहा है अवैध शराब का धंधा। इस कांड से तो सब कुछ सामने आ ही गया है कि सरकारी ठेके से लेकर इन लोगों ने पी तब भी मर गए। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता तनुज पुनिया ने इन मृतकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपए मुआवजा देने की भी मांग की।

इन नेताओं ने यह भी कहा कि यह मामला सदन में उठाया जाएगा। इससे पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस कांड में सीधे सरकार को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा कि सरकारी लाइसेंस से चलने वाली दुकानों से अगर शराब लेकर लोग मर रहे हैं। इसका सीधा सा मतलब है कि सरकार इसमें शामिल है। उन्होंने  इस कांड की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

ऐसा पहली बार हुआ है कि कांग्रेस और सपा ने शराब कांड में  मरने वालों के परिजानें से मिलकर उन्हें सांत्वना दी है। वर्ना अभी तक होता ये आया है कि लेकिन बीजेपी, रालोद, बसपा तथा अन्य पार्टीयों ने  अभी भी इस कांड पर चुप्पी साध रखी है। कोई पार्टी इन लोगों की मौत पर कुछ भी कहना नहीं चाहती। उल्लेखनीय है कि यूपी सरकार हो या केंन्द्र सरकार, सड़क दुर्घटना से लेकर किसी भी प्रकार की अप्राकृतिक मौत पर मुआवजा जरूर देती हैं लेकिन शराब पीकर मरने वालों पर चुप्पी साध लेती हैं। बाराबंकी कांड में तो सरकारी लाइसेंस वाली दुकान से खरीद कर पी थी इन लोगों ने जो मरे हैं। इसके बावजूद सरकार ने हर शराब कांड की तरह इस कांड के परिजनों को भी मात्र 2-2 लाख रुपए ही देकर इतिश्री कर ली। लेकिन कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने इस बार मृृतकों के परिजनों से मिलने का जो साहस दिखाया है, उससे उम्मीद बंधी है कि अवैध शराब पीकर मरने वाले बेगुनाह उपभोक्ताओं को न्याय दिलाने का रास्ता खुलेगा।

चीयर्स डेस्क

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