अप्रैल में क्यों बदल जाता है हंड्रेड पाइपर्स का टेस्ट

हर साल मार्च के बाद जब नया स्टाॅक आता है तब हंड्रेड पाइपर्स का स्वाद बदल जाता है, दाम तो बढ़ ही जाते हैं। शराब उपभोक्ता हर साल शराब पर लादी जाने वाली सरकारी मंहगाई की मार झेलने के लिए जैसे अभिशप्त हैं । उसकी सुनने वाला कोई नहीं, वह सरकार भी नहीं जो उससे सबसे अधिक टैक्स वसूलती है। दाम बढ़ने के साथ ही शराब का टेस्ट क्यों बदल जाता है, इसका जवाब किसी दुकानदार के पास नहीं होता है।

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दक्षिणी दिल्ली के डिप्लोमेट एरिया के चाणक्यपुरी के यशवंत सिंह पैलेस में बेसमेंट में शराब की दुकान पर रविवार को कई शराब उपभोक्ताओं ने इस तरह की शिकायतें कीं। इन सभी का कहना था कि हर साल अप्रैल शुरु होते ही एक तो दुकानों पर से शराब गायब हो जाती है, आते आते आधे अप्रैल तक आती है तो बढ़े दामों पर और उस पर भी सितम ये कि टेस्ट बदला हुआ होता है।

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एक उपभोक्ता रवि सिंह ने कहा कि हंड्रेड पाइपर्स का स्वाद तो इस बार अप्रैल की सप्लाई में इतना खराब है जितना कभी नहीं था। इस बार तो पिछली बार से अधिक इसका टेस्ट खराब है। इस सम्बंध में जब दुकानदार से दो और उपभोक्ताओं ने इसकी शिकायत की तो उसने साफ कहा भाई हमसे क्या मतलब है, कम्पनी में कम्पलेंट करो इसकी।

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हंड्रेड पाइपर्स, सीग्राम कंपनी का लोकप्रिय ब्रांड है, और ये अपने टेस्ट के कारण ही शराब उपभोक्ताओं के बीच लोकप्रिय है। लेकिन अप्रैल में इसकी जो खेप आती है, वो बेहद खराब स्वाद वाली होती है। पिछले साल भी अप्रैल में यही हुआ था। लखनऊ के एक शराब व्यवसायी ने बताया कि अप्रैल में इंदौर प्लांट से जो सप्लाई आती है, उसका टेस्ट ऐसा ही होता है। यूपी के मेरठ के दौराला से जब इसकी सप्लाई शुरु हो जाएगी तो इसका पुराना टेस्ट लौट आएगा।

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लेकिन हर साल अप्रैल में इंदौर से सप्लाई और बाद के महीनों में  मेरठ से सप्लाई की बात की सत्यता प्रमाणित नहीं है। कंपनी की तरफ से इस सम्बंध में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है जबकि इस बारे में उसे भी लिखा गया है। शराब उपभोक्ताओं को डर है कि अप्रैल में जब शराब की सप्लाई नहीं हो रही होती है तो कहीं सीग्राम कंपनी की जगह कोई और तो नहीं देने लगता है इसकी सप्लाई, तभी तो नहीं होता है उसमें असली टेस्ट।

चीयर्स डेस्क

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