शराब के लिए चुकाने पड़ रहे है प्रिंट रेट से अधिक कीमत

यूपी  के कई स्थानों से शिकायत मिलती रहती है कि प्रिंट रेट से अधिक पर शराब बेची जा रही है और ये खेल लगभग दस सालों से जारी है । बात उस  समय कि है  जब यूपी  के सभी  शराब ठेके  एक ही ग्रुप के  थे । उस समय ठेका मालिकों और सेल्स मैन ने मिलकर जमकर लूट – खसोट की थी प्रिंट रेट से 10 से 20 रुपया महंगी शराब बेचीं गयी जिसका लोगों ने खुले आम विरोध भी किया था लेकिन उसका कोई फायदा लोगों को नहीं हुआ था। उसके बाद सत्ता में आयी सरकार में भी प्रिंट रेट से अधिक कीमत शराब के शौकीनों को चुकाने पड़े थे बाद में  सरकार ने सख्ती दिखाई लेकिन उसका कोई फायदा लोगों को नहीं मिला था।

जब हमारे पत्रकार ने जिला आबकारी अधिकारी  श्री राजेश सिंह से बात की तो सुनिए उन्होंने क्या कहा –

आज भी  नोएडा और ग्रेटर नोएडा में प्रिंट रेट से अधिक पर शराब बेचने का दौर खत्म नहीं हो रहा है। इस सम्बंध में जब हमनें नोएडा के जिला आबकारी अधिकारी राजेश सिंह से ( 7007793811 ) टेलीफोन पर बात की तो उन्होंने अपना पल्ला झाड़ते हुये कहा कि आप ठेके पर पहुंचो और मेरी बात कराओ जब हमने गम्भीरता दिखाई तो राजेश जी ने बोला कि मैं अभी इंस्पेक्टर को भेज रहा हूँ आप वही पहुंचिए। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में खुले आम तकरीबन हर अंग्रेजी शराब के ठेके पर प्रिंट रेट से 10 रुपया महगीं शराब बिक रही है और उत्तर प्रदेश पुलिस और आबकारी विभाग अपना पल्ला झाड़ने में लगे हुये हैं और शराब के शौकीन प्रिंट रेट से अधिक रेट देकर शराब खरीद कर पीने को मजबूर हैं

नीरज महेरे नोएडा से  –

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