राज्यसभा, यूपी विधानसभा में शराब कांड की गूंज

यूपी और उत्तराखंड में जहरीली शराब से पिछले चार दिनों में 114 लोगों की मौत होने की खबरों के बीच यूपी विधान सभा और राज्य सभा में इस कांड की गूंज हुई। यूपी विधान सभा में विपक्ष ने जहरीली कांड की सीबीआई जांच की मांग को जोर शोर से उठाया लेकिन सरकार इस मांग पर ध्यान नहीं दिया। मांग न माने जाने के विरोध में विपक्ष ने सोमवार को पूरे दिन विधान सभा का बहिष्कार किया।

सोमवार को विधानसभा में जैसे ही सदन की शुरुआत हुई, कांग्रेस के नेता अजय कुमार लल्लू ने सहारनपुर और कुशीनगर में जहरीली शराब से हुई मौतों पर चर्चा कराने की मांग की। सपा, बसपा सदस्यों ने भी कांग्रेस की इस मांग का समर्थन करते हुए वेल में आने लगे। हंगामा बढ़ता गया तो विधानसभा अध्यक्ष ने प्रश्नकाल स्थगित कर दिया।

जब सदन दोबारा शुरु हुआ तो सरकार की ओर से संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि कुशीनगर में 10 और सहारनपुर में 39 मौतें हुईं हैं। सरकार ने इस मामले में कठोर कार्रवाई की है, दो सीओ को निलंबित किया है। घटना की जांच के लिये विशेष एसआईटी बनाई गई है जो 10 दिन में अपनी रिपोर्ट देगी।

उधर राज्य सभा में भी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में जहरीली शराब से 100 से अधिक लोगों की मौत का मामला उठा। समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के सांसदों ने इस मुद्दे को उठाते इस पर चर्चा कराने की मांग की। मांग स्वीकार न करने पर दोनों ही दलों के सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस कारण कुछ देर तक सदन की कार्रवाई बाधित रही।

दूसरी तरफ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जहरीली शराब कांड के पीछे षडयंत्र की बात कही है। उन्होंने कहा कि इस कांड के पीछे उन्हें षडयंत्र की बू आ रही है। उन्होंने बताया कि शराब कांड में मारे गए लोगों के परिजनों को दो दो लाख तथा गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को 50-50 हजार रुपए की तत्काल सहायता दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि इस कांड की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है जो 10 दिन में रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट मिलते ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कमल जोशी 

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