अवध की गंगा जमनी तहज़ीब के प्रतीक, संजय मिश्रा ’शौक़’ उर्दू की नई नस्ल के बेहतरीन शायर हैं. संजय मिश्रा शौक़ की शायरी के चर्चे भारत हनहीं दुनिया में जहां जहां उर्दू है, वहां तक हैं. उन्हें उर्दू गद्य और पद्य दोनों पर समान रूप से अधिकार है.
अवध की गंगा जमनी तहज़ीब के प्रतीक, संजय मिश्रा ’शौक़’ उर्दू की नई नस्ल के बेहतरीन शायर हैं. संजय मिश्रा शौक़ की शायरी के चर्चे भारत हनहीं दुनिया में जहां जहां उर्दू है, वहां तक हैं. उन्हें उर्दू गद्य और पद्य दोनों पर समान रूप से अधिकार है.