शिकन न डाल जबीं पर शराब देते हुए,
ये मुस्कुराती हुई चीज़ मुस्कुरा के पिला,
सुरूर चीज़ की मिक़दार पर नहीं मौक़ूफ़,
शराब कम है तो साक़ी नज़र मिला के पिला।
शिकन न डाल जबीं पर शराब देते हुए,
ये मुस्कुराती हुई चीज़ मुस्कुरा के पिला,
सुरूर चीज़ की मिक़दार पर नहीं मौक़ूफ़,
शराब कम है तो साक़ी नज़र मिला के पिला।