पीकर ड्राइविंग के पड़ेंगे अब 10 हजार

नया मोटर वाहन कानून के अमल में आने से यातायात नियमों का पालन न करने वालों को अब ज्‍यादा जुर्माना भरना पड़ेगा।  परिवर्तित प्रावधान 1 सितंबर से प्रभाव में आ गए हैं। 

अब कार बार वाले क्या करेंगे…लगता है कि कार बार वालों की शामत आने वाली है। क्योंकि शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले पर अब जुर्माना 2000 रुपए से बढ़ाकर 10,000 रुपए कर दिया गया है। केंद्रीय मोटरयान संशोधन अधिनियम 2019 को एक सितंबर से लागू हो गया है। नए नियमों के मुताबिक, ट्रैफिक नियम का उल्लंघन करने पर वाहन चलाने वाले को अब पहले से कई गुना ज्यादा जुर्माना देगा देना होगा। शराब पीकर गाड़ी चलाने पर 10 हजार का जुर्माना देना होगा।

शाम गहराते ही चालू हो जाता है कार बाॅर

गौरतलब है कि यूपी के अधिकांश शहरों में शाम होते ही सड़कों के किनारे कारें खड़ी करके शराब पीने का चलन आम है। शहर के सुनसान इलाकों में तो पूरी पूरी सड़क के किनारे कारों में शराब पीने के मंजर देखे जा सकते हैं। दिल्ली में अब सख्ती हो गई है वर्ना वहां भी यही होता था। पूर्वी दिल्ली में अभी भी कुछ इलाकों में यही होता है विशेषकर यूपी से सटे इलाकों में। जयपुर के पाॅश इलाकों में कम लेकिन मेन शहर से जरा सा निकलने पर यही दिखता है। गुरुग्राम हो या फिर हरियाणा के दूसरे शहर, वहां भी यही सब आम है और पंजाब का तो कहना ही क्या। पंजाब में इस प्रकार की अराजकता बेहद व्यवस्थित ढंग से चलती रहती है।

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लेकिन नए कानून के बाद से सख्ती बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि ऐसा नहीं था कि पहले कानून नहीं था। पहले भी 2000 रुपए का जुर्माना तो था ही, लेकिन ज्यादातर मामलों में पुलिस इन लोगों से कुछ पैसे वसूल कर इन्हें खुलेआम पीने के लिए छोड़ देती थी। लेकिन चूंकि अब जुर्माना 2000 से बढ़ाकर 10,000 रुपए कर दिया गया है तो आशा की जानी चाहिए कि पुलिस भी सख्ती करेगी और कार में बार का आनंद लेने वाले भी इतने बड़े जुर्माने से बचने की कोशिश करेंगे। यूपी में शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के चालान की संख्या अन्य चालान के मुकाबले बहुत कम है।

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लखनऊ, गाजियाबाद, नोएडा और गुरुग्राम के कई शराब उपभोक्ताओं से चीयर्स डाॅट काॅम ने इस सम्बंध में बात की तो अधिकांश उपभोक्ताओं का कहना था कि कानून बना देने से ही नहीं रुक जाएगी पीकर ड्राइविंग। इसके लिए जागरूकता और पुलिस की कार्य प्रणाली को दुरुस्त करना जरूरी होगा। गाजियाबाद की नूपुर जायसवाल का कहना था कि बहुत अच्छा कानून संशोधन है, पीकर गाड़ी चलाने वाले छेड़छाड़ भी बहुत करते हैं। खासकर बसों के ड्राइवर, इन्हें पकड़ना चाहिए पुलिस को। इसी प्रकार की बातें गुरुग्राम के सौरभ ने कहीं कि इस कानून का असर होना चाहिए ताकि सड़कों पर मरने वालों की संख्या में कमी आए और शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर लगाम लग सके।

चीयर्स डेस्क

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