हरियाणा से करोडों की शराब तस्करी

बात ज्यादा पुरानी नहीं है जब गर्मियों की एक रात में सहारनपुर पुलिस ने शराब से भरा हुआ एक ट्रक पकड़ लिया। इस ट्रक में कुल 637 पेटियां थी। सब की सब ब्रांड्रेड। जानकारों ने हिसाब लगाया तो बताया गया कि यह 23 लाख रुपए की शराब थी। ऑपरेशन एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने हैंडल किया। पूछताछ में पता चला शराब की तस्करी हरियाणा से हो रही थी और उसे देहरादून पहुंचाया जा रहा था।

हरियाणा और उत्तर प्रदेश के यमुनानगर बॉर्डर पर यह छापामारी हुई और शहर में घुसते-घुसते खलासी लाइन के रहने वाले जोगेंद्र को पुलिस ने दबोच लिया। जोगेंद्र ने पुलिस को बताया की शराब की यह अवैध तस्करी उत्तराखंड के शौकीनों के लिए हो रही थी। मगर चैकाने वाली बात यह सामने आई कि शराब का बिल हिमाचल प्रदेश के लिए कटा हुआ था। शराब हरियाणा से आई, यूपी में पकड़ी गई, उत्तराखंड में जा रही थी और बिल हिमाचल प्रदेश के नाम था जाहिर है पुलिस की खोपड़ी घूम गई।

सहारनपुर पुलिस ने इस काम के पेचीदगी को सुलझाने के लिए सर्विलांस सेल को जिम्मेदारी सौंप दी, सर्विलांस सेल ने खलासी लाइन के जोगेंद्र के साथी शामली के प्रमोद को दबोच लिया। नई बात यह सामने आई कि डिस्टरली के कागज फर्जी थे। अदालत ने शराब को नष्ट करने का आदेश दे दिया। इनमें 470 बोतलें क्रेजी व्हिस्की की थी।

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हरियाणा और उत्तराखंड की सीमा पर बसे उत्तर प्रदेश के इस सबसे आखरी छोर वाले जनपद सहारनपुर की यही कहानी है, सरसावां थाना पुलिस की अक्सर इस तस्करी में चांदी रहती है वो हरियाणा के बॉर्डर यमुनानगर की रखवाली करती है। शराब के मामलों के जानकार सहारनपुर के टोनी मोतला बताते हैं कि एक महीने में लगभग 5 करोड़ रुपए की शराब की अवैध तस्करी सहारनपुर के रास्ते हो रही है, इसमें पुलिस की मिलीभगत भी शामिल है, सहारनपुर के शौकीन मिजाज लोग तो अपने निजी वाहनों से शराब ले ही आते है। सवाल यह है क्या हरियाणा में शराब मुफ्त मिलती है!

आभार: आबकारी विभाग

अभिमन्यु हमे बताते हैं कि हरियाणा में शराब मुफ्त तो नहीं मिलती मगर सस्ती जरूर है, आबकारी अधिकारी प्रमोद कुमार के अनुसार ऐसा हरियाणा में एक्साइज ड्यूटी यूपी और उत्तराखंड से कम होने के कारण है, कुछ लोगों का कहना है हरियाणा में शराब बहुत सस्ती है इसका रोचक विश्लेषण यह है जिसे हमें अरविंद कुमार बताते हैं कि “हरियाणा में होटल पर एक वक्त का खाना कम से कम 50 रुपये में मिलता है। एक टिफिन खाने की कीमत भी 40 रुपये से कम नहीं है। ये दरें सबसे सस्ते खाने की हैं, सामान्य तौर पर खाना इससे महंगा भी है पर यहां हमने औसत रेट चुना है, अब एक वक्त की शराब पर आते हैं। एक वक्त की देसी शराब यानि (क्वार्टर) सिर्फ 22 रुपये में मिल जाता है। हरियाणा में बिकने वाली अंग्रेजी बेस्टो ब्रांड शराब का हाफ 35 रुपये में और क्वार्टर मात्र 25 रुपये में उपलब्ध है। यानी, एक टाइम के खाने के मुकाबले शराब की कीमत 15 से 28 रुपये कम है।”

बस यही कारण है कि सहारनपुर शराब की तस्करी की बीच की कड़ी बन गया है। मगर समस्या सिर्फ सहारनपुर की नही है, यहां के वर्तमान पुलिस कप्तान दिनेश कुमार हैं। पिछले वर्ष शामली के एसपी थे। शामली भी हरियाणा बॉर्डर पर है। अक्टूबर में इन्होंने शामली में 10 टायर वाला एक बड़ा ट्रक पकड़ लिया इसमें 700 शराब की पेटियां थी। इसकी अनुमानित कीमत 25 लाख बताई जाती है। इन सभी पर यूपी के स्टिकर लगे थे। इस कारोबार के जानकार राहुल त्यागी (बदला हुआ नाम) हमें बताते है कि जब सहारनपुर में पुलिस की सख्ती बढ़ जाती है तो तस्करी के लिए शामली मुफीद हो जाता है।

कैफ ,सहारनपुर से

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