नई आबकारी नीति को हाईकोर्ट में चुनौती

प्रदेश सरकार की नई आबकारी नीति के खिलाफ पैरेंट गार्जियन एसोसिएशन नें हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। अभी कुछ समय पहले ही प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में नई आबकारी नीति को मंजुरी दी गई थी, इस नई नीति में प्रदेश सरकार के राजस्व को बढ़ाने के लिए शादी-ब्याह और पाटिंयों में शराब पीने तथा पिलाने के लिए लाइसेंस दिए जाने का निर्णय लिया गया था।

कानपुर के पैरेंट गार्जियन एसोसिएशन ने इसका विरोध किया है , उनका कहना है  कि, अगर शादी-ब्याह तथा पार्टियों में शराब पिलाने को कानूनी मंजूरी दी जाती है तो पीना पिलाना खुल कर बिना किसी रोक-टोक के होने लगेगा। एसोसिएशन का कहना है कि अधिकतर पार्टियों में बच्चे भी अपनें माता-पिता के साथ आते है  जिन पर इस तरह का माहौल देखकर बहुत ही गलत असर पड़ेगा।

कोर्ट ने पूछा, क्या सरकार नशे का कारोबार करना चाहती है।

हाईकोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति सीडी सिंह की पीठ नें इस केस पर सुनवाई करते हुए, प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है, वही प्रदेश सरकार नें हाईकोर्ट से थोडी मोहलत मांगी है, जिस पर कोर्ट ने सरकार को अगली तारिख दी है।

अब देखने वाला होगा की प्रदेश सरकार क्या जवाब दाखिल करती है तथा हाईकोर्ट इस पर क्या फैसला सुनाता है। आप को बताते चलें कि, इस से पहले भी प्रदेश सरकार को हाईकोर्ट से इस संबंध में फटकार पड़ चुकी है।

चीयर्स डेस्क

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