शराब पर लगेगा गो कल्याण सेस।

उत्तर प्रदेश की सरकार ने बेसहारा गोवंश की देखभाल का बीड़ा उठाया है लेकिन इसका कुछ खर्च यूपी के शराब उपभोक्ताओं को भी उठाना पड़ेगा। प्रदेश सरकार ने इस काम के लिए शराब की बिक्री पर गो कल्याण सेस लगाने की घोषणा की है। जनवरी के पहले मंगलवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस पर मुहर भी लग गई।

प्रदेश सरकार द्वारा शराब पर सबसे ज्यादा  सेस लगाया गया है । 

यह जानकारी प्रदेश सरकार के प्रवक्ता उर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ग्रामीणों को गोवंश से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए हर ग्राम पंचायत में कम से कम 1000 क्षमता वाले गोवंश आश्रम स्थल बनाने की तैयारी कर रही है। इसमें रहने वाले मवेशियों के रख-रखाव के खर्च के लिए सरकार शराब पर गो कल्याण सेस लगाएगी। सरकार का लक्ष्य गो कल्याण सेस के जरिए प्रतिवर्ष 300-400 करोड़ रुपये वसूलने का है।

हर निकाय में होगा गोवंश आश्रय स्थल

श्रीकांत शर्मा ने बताया कि सभी ग्रामीण और शहरी निकाय में अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल खोले जाएंगे। इसमें सभी ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका और नगर निगम शामिल हैं। सरकारी जमीन पर यह आश्रय स्थल मनरेगा के जरिए बनवाए जाएंगे। साथ ही संबंधित ग्रामीण एवं शहरी निकायों की निधि तथा विधायक और सांसद विकास निधि का भी इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार स्थानीय निकायों को इसके लिए 100 करोड़ रुपये पहले ही जारी कर चुकी है। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया है कि यूपी के सभी कांजी हाउस शुरू करवा कर उनमें केयर टेकर तैनात किए जाएंगे। इसके लिए ब्लॉक स्तर पर बीडीओ, तहसील स्तर पर एसडीएम, जिला स्तर पर डीएम और शासन स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में स्टेट स्टेयरिंग कमिटी बनेगी।

चीयर्स डेस्क

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