सॉफ्ट ड्रिंक बन सकती है ‘मौत’?

एक शोध में सॉफ्ट ड्रिंक को लेकर चौकाने वाला खुलासा हुआ है। इस शोध के अनुसार, रोजाना चीनी या आर्टीफिशियल स्वीटनर वाली सॉफ्ट ड्रिंक पीने से समय से पहले मौत होने का जोखिम बढ़ जाता है। अगर आप प्रतिदिन ज्यादा तादाद में विभिन्न ब्रांड की सॉफ्ट ड्रिंक पीते हैं तो आपको अपनी इस आदत को छोड़ना होगा। क्योकि ये आपके लिए जानलेवा साबित हो सकता है।

यह अध्ययन 10 यूरोपीयन देशों के 4,50000 प्रतिभागियों के ऊपर की गई।  जामा अंतरराष्ट्रीय मेडिसीन में छपे इस अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने सॉफ्ट ड्रिंक से  लोगों के स्वास्थ्य के ऊपर हो रहे असर का अध्ययन किया। अध्यनन में यह पाया गया कि जो लोग प्रतिदिन दो या दो से अधिक ग्लास सॉफ्ट ड्रिंक पीते थे, उनकी मृत्यु दर उनके मुताबिक अधिक थी जो प्रति माह एक ग्लास से कम सॉफ्ट ड्रिंक का सेवन करते थे।

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शोधकर्ताओं ने पाया कि सॉफ्ट ड्रिंक के रोज़ाना सेवन से पाचन संबंधी रोग ज्यादा होते हैं।  इसके अलावा सॉफ्ट ड्रिंक्स में मौजूद फास्फोरिक एसिड हमारी हड्डियों को कमजोर बना देती हैं।  इसके रोजाना सेवन से वजन तो बढ़ता ही है साथ ही आपको कैफीन की लत भी लग जाती है।  गैस की प्रॉब्लम और नींद न आने की समस्या भी इससे जुड़ी हुई होती है।

बाजार में मिलने वाले जितने भी कोल्ड ड्रिंक्स या पेय पदार्थ होते हैं, उनमें चीनी की मात्रा काफी ज़्यादा पाई जाती है। अगर इन बोतलबंद पेय पदार्थों में शुगर 40 प्रतिशत कम कर दी जाएं, तो इससे अगले दो दशक तक तीन लाख से भी ज़्यादा लोगों को मोटापे से होने वाली टाइप-2 डायबिटीज़ से बचाया जा सकता है।

चीयर्स डेस्क 

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