कच्ची शराब का सिंडिकेट तोड़ना है सबसे बड़ा सरदर्द

बीते शुक्रवार को मेरठ में एक बेहद चौंकाने वाली घटना हुई दौराला थाना क्षेत्र के एक गांव सकोती के एक इंटर कॉलेज में आठवीं क्लास के पांच बच्चे शराब पीकर पढ़ने पहुंच गए, हैरतअंगेज तौर पर हुई इस घटना के बाद स्कूल मैनजमेंट ने शराब की व्यवस्था करने वाले एक छात्र को निलबिंत कर दिया जबकि चार अन्य के परिजनों को बुलाकर चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। हालांकि कुछ छात्रों का यह भी कहना था कि इन्होंने क्लास के अंदर ही शराब पी, यह पांचों छात्र सुबह ग्राऊंड में नही पहुंचे और अपनी क्लास में ही रहे जब बच्चे लौटकर आए तो यह कक्षा में ही शराब पी रहे थे।

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यह अलग बात है कि यह पकड़ लिए गए मगर जानकारी करने पर पता चला कि रुहासा, दशरथपुर और जमालपुर के कुछ बच्चे ऐसा दूसरी कक्षाओ में भी कर रहे थे। इन छात्रों ने 20 रुपए में यह शराब खरीदी थी, कच्ची शराब सकौती से खरीदी गई थी, अगर सूत्रों की माने तो यहां लगभग हर गांव में कच्ची शराब उपलब्ध है।

मेरठ में कच्ची शराब का सिंडिकेट तोड़ना है सबसे बड़ा सरदर्द

दौराला के इंस्पेक्टर मिथुन दीक्षित ने हालांकि इसकी जानकारी होने का रिवायती तौर पर इंकार किया। उम्मीद है इसी एक घटना से यह अंदाजा लग गया होगा कि गांव-गांव कच्ची शराब का सिंडिकेट क्या असर डाल रहा है, मुजफ्फरनगर, मेरठ और बिजनोर के खादर इलाके में कच्ची शराब की भट्ठिया लगी है, जंगलो में बड़े पैमाने पर शराब बनाई जा रही हैं फिर इन्हें गांव-गांव सप्लाई किया जा रहा है, कभी-कभार जब कच्ची शराब पीकर कोई मौत हो जाती है तो पुलिस की आंख खुल जाती है। कच्ची शराब का सबसे बड़ा सिंडिकेट हस्तिनापुर इलाके में है यहां सैकड़ो भट्टियां धधक रही है, गंगा के आसपास के इस इलाके में आबकारी अधिकारी और पुलिस भी जाने की हिम्मत नही जुटा पाती कई बार इन पर हमले भी हुए हैं।

2012 में तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार के एक ऑपरेशन ने इनकी नाक में दम कर दिया और कुछ महीनों के लिए इस अवैध शराब सिंडिकेट की कमर टूट गई थी, लेकिन अब फिर से  ये खड़ा है। उस दौरान जहरीली शराब पीने से एक दर्जन मौत हो गई थी जिसके बाद मेरठ आईजी जावेद अख्तर के नेतृत्व में यहां सैकड़ो भट्टियां तबाह कर दी गई और इससे जुड़े कारोबारी का क्रेकडाउन हुआ, मगर अब यह और अधिक मजबूती से खड़े हो गए है, ग्रामीणों की माने तो इन्हें आबकारी अधिकारियों और पुलिस का सहयोग है।

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हालांकि मेरठ के आबकारी अधिकारी जैनेंद्र उपाध्याय अवैध शराब बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का दावा करते है और कहते है कि अवैध शराब से जुडी जानकारी देने के लिए कोई भी व्यक्ति हेल्पलाइन नम्बर पर सूचना दे सकता है। इसी सप्ताह सीओ मवाना ने इकवारा गांव में एक मकान पर छापामारी कर दो सौ लीटर कच्ची शराब पकड़ ली और आरोपी संदीप भागने में कामयाब हो गया, पहले इसी संदीप को पुलिस ने 20 हजार लीटर एथनॉल के साथ गिरफ्तार किया था।


मेरठ से कैफ की रिपोर्ट-

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