बाराबंकी में 28 शराब कारोबारियों की दुकानों के लाइसेंस निलंबित

यूपी की राजधानी लखनऊ के नज़दीक बाराबंकी ज़िले में  28 शराब व्यापारियों की वैध दुकानों का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। इनमें सबसे अधिक लखनऊ के शराब व्यापारी हैं। प्रमाण पत्र समय से नहीं जमा  करने पर ये कार्रवाई  की गयी है। संबंधित आबकारी निरीक्षकों ने इन दुकानों को सील  करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। व्यापारियों को एक सप्ताह का समय अपना पक्ष रखने के लिए दिया गया है।

रामनगर थाना क्षेत्र में स्थित रानीगंज देशी शराब की दुकान से मिलावटी शराब पीने से 28 मई को शुरू हुई मौतों का आंकड़ा 26 पर जाकर रुका। इस कांड तक जिले की अधिकांश दुकानें अस्थाई लाइसेंस पर संचालित हो रही थीं। मिलावटी शराब कांड के बाद सभी अनुज्ञापियों से चरित्र प्रमाण पत्र मांगा गया था जिनमें 229 देशी, 87 विदेशी, 72 बियर और आठ मॉडल शॉप हैं।

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प्रमाण पत्र समयावधि में न मिलने पर जिला आबकारी अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने 28 उन व्यापारियों की रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी थी, जिन्होंने चरित्र प्रमाण पत्र नहीं दिया। डीएम डॉ. आदर्श सिंह ने इन दुकानों का लाइसेंस निलंबन कर दिया है। इनमें लखनऊ के 15, बाराबंकी के सात, बहराइच के तीन और अमेठी व जौनपुर के एक-एक व्यापारी शामिल हैं। संबंधित आबकारी निरीक्षकों को आदेश दे दिया गया है जो दुकानें सीज कर रहे हैं।

निलंबित दुकानें रू देशी शराब की दुकानों में कुरौली, बड़ेल चैराहा, पल्हरी चैराहा, ग्राम सभा मोहना, बनवा, आवास विकास कालोनी, ग्राम सभा सुटेलपुर नंबर दो, भानपुर चैराहा, गणेशपुर कस्बा, हैदरगढ़ नंबर तीन, त्रिवेदीगंज नंबर तीन, दौलतपुर चैराहा, बंगला बाजार शामिल हैं। देशी शराब मथुरा नगर ग्रीड गंज, सतरिख, चकहार, औरेला और बियर शॉप में सफदरगंज चैराहा, सफदरगंज रेलवे फाटक, जहांगीराबाद देवा रोड तिराहा, खेवली, ग्रीडगंज, दशहराबाग, मसौली चैराहा, भिखरा और रीवां सीवां शामिल हैं। वहीं पल्हरी मॉडल शॉप का लाइसेंस भी निरस्त किया गया है।

चीयर्स डेस्क 

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