शराब की खपत लखनऊ और कानपुर में सबसे ज्यादा

इस वित्तीय वर्ष के शुरुआती छह महीने में अंग्रेजी शराब की सबसे ज्यादा 61.64 लाख बोतलों की बिक्री राजधानी लखनऊ में हुई। दूसरे नंबर पर कानपुर नगर रहा। शुरुआती छह महीनों में कानपुर नगर में अंग्रेजी शराब की 47.91 लाख बोतलों की बिक्री हुई। इसी तरह आगरा अंग्रेजी शराब पीने के मामले में तीसरे नंबर पर है। यहां इस अवधि में 47.56 लाख बोतलों की बिक्री हुई। हालांकि, मंडलवार देखें तो अंग्रेजी शराब और बीयर की बिक्री में भी मेरठ जोन सबसे आगे है, लेकिन देसी शराब के मामले में लखनऊ जोन आगे रहा।

कानपुर में देसी के शौकीन

देसी शराब के सबसे ज्यादा शौकीन लोग कानपुर नगर में हैं। यही कारण है कि वहां इस आबकारी वर्ष के शुरुआती छह महीनों (अप्रैल से लेकर सितंबर 2018 तक) में सबसे ज्यादा 103.72 लाख लीटर देसी शराब की खपत हुई। देसी शराब के मामले में नवाबों का शहर लखनऊ दूसरे नंबर पर है। लखनऊ में इस दौरान 99.69 लाख लीटर देसी शराब बिकी। देसी शराब पीने के मामले में गोरखपुर जिला तीसरे नंबर पर रहा, जहां इस अवधि में 69.88 लाख लीटर शराब की खपत दर्ज की गई।

बीयर खपत में भी लखनऊ नंबर-1

आबकारी विभाग के आंकड़े बताते हैं कि सबसे ज्यादा बीयर पीने वाले भी लखनऊ में हैं। शुरुआती छह महीनों में लखनऊ के लोगों ने 135.86 लाख बोतल बीयर खरीदीं। 106.01 लाख बोतल बीयर की बिक्री आगरा में हुई। 100.76 लाख बोतल बीयर की बिक्री कर गाजियाबाद तीसरे और 97.92 लाख बोतल की खपत के साथ गौतमबुद्धनगर चैथे नंबर पर रहा। आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने बताया कि देसी शराब की गणना लीटर के हिसाब से और अंग्रेजी शराब व बीयर की गणना 750 एमएल की बोतल के हिसाब से होती है।

चीयर्स  डेस्क

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