90 हजार वाइन बोतलें क्रूज़ पर

समुद्र पर चलने वाले बड़े क्रूज़ कितने लग्ज़री होते हैं, टाइटनिक फिल्म में इसे बखूबी दिखाया गया है। टाइटेनिक की तरह ही लंदन से एक और लग्ज़री क्रूज़ ’वाइकिंग सन’ आठ महीने के वर्ल्ड टूर पर रवाना हुआ है जिसमें 90 हजार वाइन की बोतलें भी हैं वाइन के साथ ये क्रूज़ अपनी यात्रा में कुल 60 हज़ार तरह का खाना परोसेगा।

वाइकिंग सन क्रूज 245 दिन की सबसे लंबी यात्रा के दौरान 51 देशों के 111 पोर्ट से गुजरेगा। यात्रा के 2 मई 2020 को लंदन में आकर खत्म होने का अनुमान है। इसके यात्री 23 शहरों में रात भर के लिए जमीन पर भी रुकेंगे। इसमें मुंबई शहर भी शामिल है। इस क्रूज का सबसे सस्ता टिकट 59 लाख (66,990 पाउंड) रुपए का है। सबसे महंगा टिकट 1.7 करोड़ (1,94,390 पाउंड) रुपए का है। आठ महीने की इतनी लंबी यात्रा को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज कराया जाएगा।

विलासिता के सारे सामान के साथ ये क्रूज अंटार्कटिका को छोड़कर तकरीबन सभी कॉन्टिनेंट से गुजरेगा। इस पर क्लासिकल म्यूजीशियंस के बैंड के साथ ही हिस्ट्री, आर्ट्स और कुकरी के लेक्चर्स भी होंगे। इस क्रूज पर सफर करने वालों को दुनिया के हर कोने की मशहूर डिशेज खाने को मिलेंगी। शिप पर आठ तरह के रेस्टोरेंट मौजूद हैं, जिसमें से आप अपनी पंसद का खाना चुन सकते हैं। ट्रैवलर्स के इस्तेमाल करने के लिए दो पूल है, जहां से सीधे समुद्र का नजारा दिखेगा। इसके अलावा गेस्ट्स एक थर्मल स्पा के साथ स्नो ग्रोटो का भी मजा ले सकेंगे। इस शिप में पांच कैटेगरी के रूम्स मौजूद हैं। सबसे छोटा कमरा 270 स्क्वेयर फीट का है। प्रीमियम कमरों में भी किंग साइज बेड से लेकर सभी तरह की सुविधाएं मौजूद हैं।

क्रूज़ में खाने पीने के आलीशान इंतेज़ाम के साथ ही क्रूज पर 40 हजार रूम सर्विस मील, 2 लाख 50 हजार पानी की बोतलें, 10 हजार बब्ली बॉटल, 90 हजार वाइन की बोतलें, 60 हजार तरह का खाना, 9 लाख अंडे, 5 हजार आईक्रीम बार, 1 लाख टॉयलेट पेपर रॉल इस्तेमाल होंगे। क्रूज की लंबाई 745 फीट है। चैड़ाई 94 फीट है। क्रू मेंबर 480 हैं। 8 तरह के रेस्त्रां हैं। क्रूज को 2017 में बनाया गया था। इसमें 930 पैसेंजर यात्रा कर सकते हैं। क्रूज की स्पीड 20 नॉट तक है।

गौरतलब है कि वाइकिंग सन क्रूज शिप का इससे पहले भी दुनिया के दो चक्कर लगा चुका है। पर इस बार का टूर पिछले सफर के मुकाबले दोगुना है। ग्रीनविच के बाद क्रूज डोवर, लिवरपूल, होलीहेड, बेलफास्ट, उलापापुल, किर्कवाल, एडिनबर्ग, इन्वेंर्गोर्डन और लेरविक में रुकते हुए ब्रिटिश द्वीपों के चारों ओर से गुजरेगा। यात्रा का पहले स्टॉप के रूप में नार्वे के बर्गन बंदरगाह से होते ही स्कैंडिवेनिया तक यात्रा जारी रहेगी।

चीयर्स डेस्क

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