12 करोड़ से बने अस्पताल में पानी भी मय्यसर नहीं

राजस्थान के चूरू में मेडिकल कॉलेज से जुड़े राजकीय डीबी अस्पताल में 12 करोड़ की लागत से बने एमसीएच में प्रसूताओं को पीने का पानी नहीं मिल रहा है। भर्ती प्रसूताओं के परिजनों को रोज दो मंजिल से नीचे आकर पानी लेकर जाना पड़ता है। ये रोज की समस्या है। डीबी अस्पताल में एक ही छत के नीचे प्रसूताओं को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 12 करोड़ की लागत से पृथक से नया भवन बनाया गया, ये भवन तीन मंजिला है। अस्पताल में प्रसव के बाद महिलाओं को फर्स्ट व सेकंड फ्लोर के वार्डों में शिफ्ट कर दिया जाता है।

एमसीएच का आउटडोर औसत 400 व इनडोर करीब 100 रहता है। इस अस्पताल में औसतन रोजाना 10 से 15 प्रसव रोज होते है। अस्पताल में चूरू ही नहीं आसपास के गांवों व तहसील मुख्यालयों से प्रसव के मामले आते हंै। कमोबेश यही हालत डीबी अस्पताल के इनडोर की है। वहां पहली मंजिल से लोगों को पानी लेने के लिए नीचे आना पड़ता है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. गोगाराम ने बताया कि दोनाें अस्पताल में इस समस्या के समाधान के लिए जल्द ही कोई रास्ता निकाला जाएगा।

पानी लाए या प्रसूता की देखभाल करें

एमसीएच में प्रसूता के साथ आई महिला ने कहा कि वह दो दिन से परेशान है। अस्पताल में मरीज के लिए पानी की सुविधा नहीं है। प्रसूता की देखभाल करें या पानी लेकर आएं। रोज बोतल लेकर नीचे पानी लेने आना पड़ता है। चूरू शहर की एक अन्य महिला जन्नत बानो ने कहा कि वह परिजन से मिलने आई थी कि उसे पानी लाने नीचे भेज दिया। परिजनों ने कहा कि सभी फ्लोर में वाटर कूलर की सुविधा होनी चाहिए, परिजन को पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़े।

चीयर्स डेस्क 

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