सिंगापुर में लगा मीठे ड्रिंक्स के विज्ञापनों पर प्रतिबंध

सिंगापुर शक्कर युक्त ड्रिंक्स के विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने वाला दुनिया का पहला देश बन जाएगा। ये कदम वहां के स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश में बढ़ते मधुमेह की दर से निपटने के लिए उठाया है।

कम हेल्दी समझे जाने वाले उत्पादों को अब अपने पोषण और चीनी सामग्री की ग्रेडिंग प्रदर्शित करनी होगी, और इनमें से जो सबसे ज्यादा सेहत को नुक्सान पहुँचाने वाला होगा उसके सभी प्रकार के विज्ञापनों पर रोक लगा दी जाएगी। चाहे वो प्रिंट मीडिया हो या फिर ऑनलाइन चैनल। मंत्रालय ने कहा, “उनका उद्देश्य इस तरह के विज्ञापनों का उपभोक्ता की प्राथमिकताओं पर प्रभाव कम करना है।”

कहा गया कि ये उपाय केवल एक शुरुआत है, आने वाले समय में चीनी पर कर या प्रतिबंध की संभावनाओं पर गौर किया जा रहा है। “हम एसएसबी (चीनी के मीठे ड्रिंक्स ) निर्माताओं से आग्रह करते हैं कि वे अपने ड्रिंक्स में कम चीनी का इस्तेमाल करें।”

मंत्रालय ने कहा कि वह आगामी महीनों में उद्योगों से प्रतिक्रिया प्राप्त करेगा कि कैसे उपायों को लागू किया जाए ताकि अगले वर्ष अधिक विवरणों की घोषणा की जाए।

अंतर्राष्ट्रीय मधुमेह महासंघ के अनुसार, सिंगापुर में 13.7 प्रतिशत वयस्क मधुमेह से पीड़ित हैं, जो विकसित देशों में सबसे अधिक दरों में से एक है।दुनिया भर के अन्य मार्केटिंग प्रतिबंधों ने जंक फूड विज्ञापनों में बच्चों के जोखिम को सीमित करने पर ध्यान केंद्रित किया है।

अंतर्राष्ट्रीय मधुमेह महासंघ के अनुसार, दुनिया भर के कुछ 420 मिलियन लोग आज मधुमेह से पीड़ित हैं, जिनकी संख्या साल 2045 तक बढ़कर 629 मिलियन हो जाएगी।

चीयर्स डेस्क 

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