राजस्थान सरकार को मिले 428 करोड़

जल जीवन मिशन के तहत केन्द्र ने राजस्थान सरकार को 428 करोड़ रुपए मुहैया करवाए गए है, लेकिन राज्य सरकार की ओर से अभी यह तय नहीं किया गया है कि इस राशि का किस तरह से उपयोग किया जाए। हालांकि मिशन की अभी गाइडलाइन भी जारी होना शेष है। केन्द्र के हिस्सा राशि के साथ ही राज्य को भी 428 करोड़ अपने हिस्से की राशि मुहैया करवानी होगी। दरअसल प्रदेश में केवल 12 प्रतिशत घरों में ही सरकारी नल से लोगों को पीने का पानी मुहैया करवाया जा रहा है। ऐसे में हर घर को नल से पानी मुहैया करवाने के लिए राज्य की ओर से एक डाटाबेस रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है।

हाल ही केन्द्र ने मिशन के तहत 428 करोड़ रुपए मुहैया करवाए है। अब राज्य इस राशि का उपयोग उन निर्माणाधीन परियोजनाओं में करने की तैयारी कर रहा है, जो पहले से निर्माणाधीन है और उनमें चार हजार की आबादी वाले गांवों में सामुदायिक टंकी बनाकर उससे पानी देने के कार्य किए जा रहे है। अब इस टंकी की बजाय सीधे ही घरों में पाइपलाइन डालकर हर घर को नल का कनेक्शन मुहैया करवा दिया जाए। हालांकि इस पर अभी निर्णय नहीं हुआ है।

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आहूत की है। इसमें इस मुद्दे पर चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा कि केन्द्र की ओर से जल जीवन मिशन के तहत मुहैया करवाए गए 428 करोड़ को किस परियोजनाओं के काम में खर्च किया जाए और राज्य अपने हिस्से की 428 करोड़ भी मुहैया करवाए।

वर्तमान में 550 प्रति वर्ष
वर्ष 2019-20 में जल जीवन मिशन के तहत केन्द्र से राज्य को 850 करोड़ की राशि दी जाएगी। अब तक प्रदेश को 550 करोड़ रुपए प्रति वर्ष प्राप्त हो रहे थे। राज्य केन्द्र से मिशन के तहत प्रदेश में पानी की विषम परिस्थितियों का हवाला देते हुए राजस्थान में पानी की उपलब्धता के लक्ष्य के अनुरुप 55 लीटर प्रतिदिन प्रतिव्यक्ति की जगह 70 लीटर प्रतिदिन प्रति व्यक्ति रखने की मांग पहले ही कर चुका है।

चीयर्स डेस्क 

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