शराब में मिलाई गई थी मिथाइल

Story Highlights

  • पुलिस ने कभी कहा था इथाइल तो कभी थिनर
  • बाराबंकी में शराब पीकर हुई थी 27लोगो की मौत
  • आबकारी निरीक्षक सहित 11 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
  • बाराबंकी के रानीगंज शराब ठेके की शराब पीकर हुई 27 मौतों का मामला

यूपी के रानीगंज में हुए शराब कांड की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि शराब में मिथाइल अल्कोहल मिलाया गया था। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट से यह बात सामने आई है। इसके साथ ही पुलिस ने इस मामले में दर्ज दो मुकदमों की विवेचना पूरी करते हुए चार्जशीट कोर्ट को भेज दी है। चार्जशीट में आबकारी निरीक्षक रामतीर्थ मौर्य सहित 11 लोगों को दोषी माना गया है। बहराइच के दानवीर सिंह के नाम से आवंटित इस शराब ठेके की शराब पीकर 27 मई को सामूहिक मौतें हुई थी जो धीरे-धीरे बढ़कर 27 तक पहुंच गई थी। इसके कारण काफी लोग नि:शक्त हो गए थे।

शराब में मिलावट की बात तो प्रथम दृष्टया ही सामने आ गई थी। लेकिन सबसे अहम था ये जानना कि वो क्या चीज थी जिसने इतनी अधिक तबाही मचाई। हालांकि एक साथ एक ही परिवार के चार लोगों को खोने वाले छोटेलाल के घर से पुलिस ने देशी  शराब की कुछ बोतलें बरामद की थी। इसकी उसी समय जांच में आबकारी विभाग ने मिथाइल अल्कोहल होना बताया था।

रानीगंज शराब ठेके से बेची गई शराब में मिथाइल अल्कोहल मिले होने की पुष्टि एफएसएल की रिपोर्ट में हुई है। इस वारदात में दर्ज दो मुकदमों की विवेचना पूरी कर चार्जशीट कोर्ट भेज दी गई है। आबकारी निरीक्षक सहित 11 लोगों की वारदात में संलिप्तता सामने आई है।

आरएस गौतम, एएसपी नॉर्थ, बाराबंकी

पुलिस ने विवेचना के दौरान शराब में मिलावट की आपूर्ति के आरोप में लखनऊ के नादरगंज निवासी शानू कुरैशी को गिरफ्तार किया था। इससे पूछताछ बताया था कि उसने इथाइल की आपूर्ति की थी। फिर जब कानपुर के मुख्य डीलर विपिन अवस्थी को गिरफ्तार किया गया, तो उसने बताया था कि उसने थिनर की सीतापुर जिले में आपूर्ति की थी और वहां से ही वह बाराबंकी के रानीगंज के शराब ठेके की शराब में मिलावट में प्रयोग की गई।

ये थी वारदात 

27 मई 2019 की सुबह रामनगर थाना के रानीगंज के शराब ठेके से खरीद कर शराब पीने वाले इसी कस्बे के निवासी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी छोटेलाल व उसके तीन पुत्र राकेश, मुकेश व सोनू सहित 14 मौतों से यह मामला प्रदेश की सुर्खियों में आया था। 50 से अधिक लोग गंभीर हालत में केजीएमयू व जिला अस्पताल भेजे गए थे। करीब एक सप्ताह के दौरान मृतकों की संख्या 27 तक पहुंच गई थी। कई लोगों ने आंखों की रोशनी तक गवां दी थी।

चीयर्स डेस्क 

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