पीने का पानी पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना ट्रायल के बाद से है बंद

झारखंड के मांडर विधानसभा क्षेत्र की पांच पंचायतों में घर घर तक पीने का पानी पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना ट्रायल के बाद से ही बंद पड़ी है। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से करीब 18 करोड़ की लागत से इस योजना के लिए मांडर, बंझिला व हेसमी में जलमीनार तथा फिल्टर प्लांट के अलावा सोसई गांव के निकट कोइल नदी में इंटक वेल का निर्माण कराया गया है।
सभी पांच पंचायतों में पेयजलापूर्ति के लिए पाइप लाइन भी बिछायी गयी है। करीब दो साल पहले इसका ट्रायल किया गया था।  ट्रायल के समय पांच पंचायत के करीब दो हजार ग्रामीणों ने साफ पानी की उम्मीद में इसका कनेक्शन भी लिया है। अब ग्रामीण योजना के चालू होने के इंतजार में हैं। गॉव में रहने वाले अजय भगत कहते हैं कि ग्रामीणों ने पैसा खर्च कर पानी का कनेक्शन लिया है। पर जलापूर्ति शुरू नहीं होने से ग्रामीण निराश हैं। खुद को ठगा हुए महसूस कर रहे हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
योजना शीघ्र चालू कराने को लेकर विभागीय मंत्री को एक बार पत्र लिख चुकी हूं। दो बार व्यक्तिगत रूप मिली भी हूं। यह क्षेत्र के लिए जरूरी योजना है, जिससे यहां लोगों को बुिनयादी सुविधा मिलेगी।  गंगोत्री कुजूर, विधायक मांडर
जनहित की इस महत्वपूर्ण योजना को शीघ्र ही चालू किया जाना चाहिए। पेयजल व स्वच्छता विभाग के अभियंता से इस संबंध में बात हुई है।  अनिता देवी, प्रखंड प्रमुख
झारखंड अपने विधानसभा चुनाव की तैयारी में लगा हुआ हैं देखना होगा की क्या चुनाव से पहले गॉव वालों को पीने का पानी मिल पता है या नहीं।
चीयर्स डेस्क 
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