दिल्ली में सप्लाई वाटर नहीं है पीने लायक, 11 सैम्पल मानकों पर फेल

भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने अपनी जांच में पाया कि दिल्ली का पानी पीने लायक नहीं है।  देश की राजधानी दिल्ली में पीने के पानी के 11 सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतर पाए हैं।  पानी के ये 11 सैंपल दिल्ली के उन इलाकों से लिए गए थे, जो एनडीएमसी और दिल्ली जल बोर्ड के अंतर्गत आते हैं।

दरअसल हाल ही में खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने दिल्ली में नल के पानी को पीने लायक नहीं बताया था। जिसके बाद भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने अपनी शुरुआती जांच में पाया कि दिल्ली का पानी पीने लायक नहीं है।  दिल्ली में अलग-अलग जगहों से नल से घरों में सप्लाई होने वाले पानी के 11 सैंपल की जांच के बाद BIS इस शुरुआती नतीजे पर पहुंचा है।  BIS ने ये जांच उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान के उस बयान के बाद की थी, जिसमें पासवान ने नल से सप्लाई होने वाले पीने के पानी की क्वालिटी पर सवाल उठाया था।

ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स की प्राथमिक जांच में कुछ पाइप्ड वाटर के सैम्पलों में पानी का गंध मानक के अनुरूप नहीं पाया गया।  कुछ पाइप्ड वाटर सैंपल में एसिडिक कंटेंट और पीएच मानक के मुताबिक नहीं था। एनडीएमसी के अधीन आने वाले इलाके से लिए गए एक पाइप्ड वाटर के सैंपल की क्वालिटी हार्ड वाटर की तरह का पाई गई।  यह तय किया गया है कि इन सभी 11 पाइप्ड वाटर के सैम्पलों की ब्यूरो ऑफ़ इंडियन स्टैंडर्ड्स दूसरे स्तर की जांच करेगा जिसमे यह पता लगाया जाएगा कि इसमें हानिकारक तत्व कितने हैं।

 फूड मिनिस्टर राम विलास पासवान ने 3 अक्टूबर को एनडीएमसी, दिल्ली  जल बोर्ड, खाद्य मंत्रालय और ब्यूरो ऑफ़ इंडियन स्टैंडर्ड्स के बड़े अधिकारियों की बैठक बुलाई है जिसमें दिल्ली में पाइप्ड वाटर सप्लाई की गुणवत्ता की समीक्षा की जाएगी। सूत्रों की मानें तो BIS की पानी के सैंपलों की फाइनल जांच की रिपोर्ट एक महीने के अंदर आएगी।  रिपोर्ट आने के बाद मंत्रालय देश भर में BIS के मानकों के आधार पर पीने के पानी को उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों के लिए तय करेगा।

चीयर्स डेस्क 

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