तीन महीने में कैसे पीने लायक नहीं रहा दिल्ली का पानी

दिल्ली में पानी की गुणवत्ता पर आई भारतीय मानक ब्यूरो रिपोर्ट पर सीएम अरविंद केजरीवाल  ने ऐतराज जताया है। अरविंद केजरीवाल ने कहा है. ‘बीते 26 सितंबर 2019 को ही केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा था कि दिल्ली का पानी यूरोप स्टैंडर्ड का है। उनके जल मंत्रालय ने दिल्ली के 20 जगहों से सैंपल लिए थे। 6 अक्टूबर को दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी से भी इस बारे में पूछा गया था और उन्होंने भी जल मंत्रालय की रिपोर्ट पर सहमति जताई थी। अब इस पर राजनीति शुरू हो रही है, जो अच्छी बात नहीं है। रामविलास पासवान कहते हैं कि दिल्ली के 11 जगहों से पानी का सैंपल लिया गया है। कहां से सैंपल लिए गए वो ये नहीं बता रहे हैं? डब्ल्यूएचओ (WHO) के स्टैंडर्ड के हिसाब प्रति 10 हजार की आबादी पर सैंपल उठाने चाहिए। इस हिसाब से दिल्ली से 2000 सैंपल उठाने चाहिए थे।

दिल्ली जलबोर्ड ने 1 लाख 55 हजार सैंपल उठाये उसमें लगभग 2200 सैंपल फेल हुए। एक लाख 53 हजार पास हुए। आने वाले दिनों में हम हर वार्ड से 5-5 सैंपल उठाएंगे। उनकी चेकिंग कराएंगे और उनका डेटा सामने रखेंगे।

अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार के घेरा

बता दें कि केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने बीते शनिवार को ही दिल्ली सहित देश की 20 शहरों की पानी की गुणवत्ता को लेकर रिपोर्ट जारी किया था। मंत्रालय के अंतगर्त काम करने वाली बीआईएस (BIS) यानी भारतीय मानक ब्यूरो  ने पीने के पानी को लेकर बड़ा खुलासा किया था। इस रिपोर्ट में BIS ने दिल्ली के पानी को सबसे खराब बताया था। इस रिपोर्ट में दिल्ली का पानी सबसे प्रदूषित पाया गया है। इस रिपोर्ट में साफ पानी के मामले में मुंबई पहले नंबर, हैदराबाद दूसरे नंबर और भुवनेश्वर तीसरे नंबर पर रहा।

इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद दिल्ली में बवाल मच गया। बीजेपी ने इस मामले में अरविंद केजरीवाल को घेर रही है। बीजेपी आरोप लगा रही है कि दिल्ली में पीने का पानी के सभी 11 नमूने भारतीय मानक के अनुरूप नहीं पाए गए। नमूने कई पेरामीटर में फेल पाए गए। जबकि, मुंबई से लिए गए सभी 10 नमूने भारतीय मानक के अनुरूप पाए गए।

चीयर्स डेस्क


जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत की बात को ही क्यों काट रहे हैं भाजपा के मंत्री रामविलास पासवान?

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