टूडी बाॅर कोड से अवैध शराब रोकने की नाकाम कोशिश

यूपी सरकार नकली और अवैध शराब के व्यापार को रोकने के जितने भी जतन करती है, अवैध धंधेबाज़ हर बार उसका तोड़ निकाल लेते हैं। अभी ज्यादा दिन नहीं गुजरे हैं जब यूपी सरकार ने बार कोड सिस्टम लागू किया। लेकिन कोई कोड सिस्टम काम नहीं आया और सहारनपुर व कुशीनगर जैसी अप्रत्याशित घटनाओं ने इन सभी दावों की पोल खोल दी। अभी हाल ही में बार कोड़ से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसमें आसानी से नकली बारकोड बना कर अवैध शराब का धड़ल्ले से व्यापार किया जा रहा है।

जब बार कोड लागू किया गया था तो यूपी सरकार ने दावा किया था कि बारकोडिंग से आसानी से यह जाना जा सकता है कि शराब की बोतल का निर्माता कौन है? किस तिथि में होलसेलर से लेकर कस्टमर तक शराब की बोतल पहुंची? किन दरों से पहुंची? यह सब कोड को स्कैन करने से पता चल जाता है। लेकिन द आथेंटिकेशन सॉल्यूशन प्रोवाइडर्स एसोसिएशन (एएसपीए) ने इस सिस्टम पर सवाल उठाते हुए बताया है कि यूपी का आबकारी विभाग इस समय ‘‘टूडी बारकोड’‘ के साथ ‘‘बाइएक्सली ओरिंएटेड पॉलिप्रोपलीन (बीओपीपी) लेबल का इस्तेमाल कर रहा है, जिसका आसानी से नकली वर्जन तैयार किया जा सकता है। इस लेबल से जालसाजी और फर्जी प्रोडक्ट पर लगाम नहीं लगाई जा सकती। ‘‘बार कोड टेक्नोलॉजी’ को अमल में लाना ठीक है, लेकिन जालसाजी और नकली प्रोडक्ट्स पर निगरानी के लिए समर्पित भौतिक व्यवस्था के अभाव में यह नकली प्रोडक्ट की समस्या से निजात दिलाने के लिए बहुत ज्यादा कारगर उपाय नहीं है।

इंटरनेशनल टैक्स स्टांप एसोसिएशन (आईटीएसए) और इंटरनेशनल अर्गनाइजेशन फॉर स्टैंडड्राइजेशन (आईएसओ) मानक जैसे 16678 और 22382 टैक्स स्टांप के मानक हैं । इन दोनों संस्थाओं ने यूपी सरकार और आबकारी विभाग से अपनी मौजूदा आबकारी नीति की समीक्षा करने का अनुरोध करते हुए कहा कि हम प्रदेश सरकार से विश्व स्तर पर जालसाजी के खिलाफ काम कर रही संस्थाओं और विशेषज्ञों के उपाय को अमल में लाने का आग्रह करते हैं। इन संस्थाओं ने पूरा सहयोग देने का वादा किया और कहा कि इस प्रकार के सुरक्षा उपाय करने से शराब उपभोक्ता के हितों की रक्षा के साथ साथ शराब की सप्लाई पर अविश्वास को समाप्त करने में भीं मदद मिलेगी। इन दोनों संस्थाओं ने कहा कि उपरोक्त तकनीक अपनाने से असली वस्तुओं को पहचानना और अधिक आसान होगा। सप्लाई चेन में लीकेज को दुरुस्त किया जा सकेगा और जाहिर है कि यूपी सरकार के राजस्व  में भी इजाफा होगा।

चीयर्स डेस्क

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