जल संरक्षण पर बनेगा कानून

यूपी में पीने के पानी के संकट को देखते हुए सरकार अब विभिन्न माध्यमों एवं आयामों के माध्यम से जल संचयन करेगी, इसके तहत सरकार कानून लाने जा रही है। घरों में अब अगर सबमर्सिबल लगाना है तो इसके साथ रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी लगाना अनिवार्य होगा। अब सभी संस्थानों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अपनी अपनी संस्थाओं में लगाना होगा। किसी भी संस्था को मान्यता देने से पहले यह सुनिश्चित किया जायेगा कि वहां पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा है या सभी सरकारी, अर्द्ध सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य किया जायेगा व्यापक जन अभियान चलाकर जल संरक्षण के प्रति जनता को जागरूक किया जायेगा। यूपी सरकार अब ऐसे नियम बनायेगी कि चाहे कोई कालेज हो या वह इण्टर कालेज, प्राईबेट या सरकारी मेडिकल कालेज, इंजीनियरिंग कालेज हो या कोई भी शैक्षिक संस्था या व्यापारिक सभी के लिए ये अनिवार्य होगा ।

इसी प्रकार से सभी सरकारी ऑफिसों  में चाहे वह तहसील हो, थाना हो, डीएम ऑफिस हो, सीडीओ आफिस हो, अस्पताल हो सभी में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य किया जायेगा। यूपी के जलशक्ति मंत्री  बुधवार को योजना भवन के सभाकक्ष में भूगर्भ जल विभाग तथा विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक, शैक्षिक तथा तकनीकी शैक्षिक संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ भूगर्भ जल स्तर को बढ़ाने के संसाधनों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आगे अब जो भी निर्माण कराये जायेंगे उसका नक्शा तभी पास किया जायेगा जब वहां पर वाटर रिचार्ज सिस्टम बना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार अब ऐसे प्राविधान करेगी कि कहीं से भी हम जितना पानी लें उतना ही पानी धरती के अन्दर भी डाला जाये। उन्होंने कहा कि अब ऐसा एक्ट बनाया जायेगा, जिसमें यह प्राविधान किया जा रहा कि कोई भी इंडस्ट्री यदि पाइप द्वारा गन्दा पानी या प्रदूषित पानी धरती के अन्दर डाल रहा तो उसे 5 से 40 लाख जुर्माना तथा 5 से 7 साल की कड़ी सजा की भी व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब पानी से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जायेगा।

ऐसे सभी एक्ट को लागू करके अगली बारिस से पहले जल संचय, जल संवर्धन के लिए बड़ा काम प्रदेश सरकार द्वारा किया जायेगा। उन्होंने कहा कि नदियों का जीर्णोद्धार करना, नदियों के किनारे पेड़ लगाने, तालाबों के किनारे वृक्षारोपण करके जल संचयन किया जायेगा। इसके साथ साथ छोटे बड़े माडल के माध्यम से गरीब से गरीब आदमी भी अपने घर में रेन वाटर सिस्टम लगा सके या बना सके उसके लिए भी माडल तैयार किया जायेगा। एकेटीयू के कुल सचिव से कहा गया कि विभिन्न विश्वविद्यालयों के माध्यम से अच्छे मॉडल बनाकर अपने बेवसाइड पर डाले ताकि कोई भी व्यक्ति उस मॉडल का प्रयोग आसानी कर सकें।

प्राईमरी से लेकर हायर एजुकेशन के बच्चों को कैसे जल संरक्षण के लिए जागरूक किया जाये। इसके संबंधों पाठय.पुस्तकों में जल संरक्षण का विषय पढ़ाया जायेगा। पूरे प्रदेश में एक विशेष प्रकार का अभियान चलाया जायेगा। गोष्ठियां आयोजित करके पूरे प्रदेश के लोगों को जागरूक किया जायेगा ताकि जल को बचाया एवं संरक्षित किया जा सके।

चीयर्स डेस्क

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