जल-जीवन-हरियाली मिशन की शुरुआत

शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जल-जीवन-हरियाली मिशन की शुरुआत की। साथ ही जल-जीवन-हरियाली पर आधारित पुस्तक का भी विमोचन किया। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, नंद किशोर यादव, श्रवण कुमार, सांसद रामकृपाल यादव समेत कई लोग मौजूद थे।

ज्ञान भवन में आयोजित जल-जीवन-हरियाली कार्यकम में मुख्य सचिव दीपक कुमार ने कहा कि सूबे के सभी जिलों के 8500 जगहों पर एक साथ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस योजना के तहत तीन साल में 24 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च होंगे. अबतक तीन लाख कुओं को चिह्नित किया जा चुका है। बनाये जा रहे चापाकलों के पास सोखता भी बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि जल का संरक्षण हमे करना होगा, सरकार के विभागीय कार्यालयाें में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की जायेगी। बाढ़ के दिनों में प्रभावित इलाकों का पानी दूसरे क्षेत्रों में ले जाने की योजना है।

मुख्यमंत्री द्वारा कार्यक्रम की शुरुआत करने के बाद सभी जिलों, प्रखंडों और पंचायत स्तर पर कम से एक योजना की शुरुआत हो गयी है।  जल-जीवन-हरियाली मिशन के तहत नौ क्षेत्रों में काम किये जाने हैं। सूबे के 12 विभागों को तीन वर्षों में योजना को पूरा करना है।  इस योजना पर 24,524 करोड़ रुपये के खर्च का प्रस्ताव है। इस योजना के तहत 62,412 तालाब, आहर, पइन और पोखर का जीर्णोद्धार-निर्माण किया जायेगा, साथ ही 81,201 सार्वजनिक कुओं का भी जीर्णोद्धार किया जायेगा। कुएं के साथ-साथ चापाकल, नलकूप के किनारे सोखता या जल रिचार्ज का निर्माण भी कराया जायेगा। छोटी नदियों, नालों के अलावा पहाड़ी क्षेत्रों में जल संग्रह के लिए चेकडैम एवं अन्य संरचनाओं का निर्माण कराये जाने के साथ-साथ 32,139 नये जल स्रोतों का सृजन किया जायेगा। 104922 रेन वॉटर हर्वेस्टिंग के साथ-साथ सात करोड़ 70 लाख पौधे ग्रामीण विकास विभाग और पर्यावरण विभाग द्वारा लगाये जायेंगे।

चीयर्स डेस्क

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