चौवआरी गांव में पीने के पानी की कमी नहीं हो पाई दूर

बिहार के गया जिले का  चौवआरी गांव अपनी बदहाली का रोना रो रहा है। यहा मुख्यमंत्री की महत्वकाक्षी योजना भी ग्रामीणों के लिए विकास नहीं कर पाई है। गांव की गली हो या नाली कोई अंतर नहीं सारा पानी गली में ही आता है। हल्की बरसात हो जाए तो घर से बाहर निकलने में गांव वालों को सोचना पड़ता है। गांव में पानी तो आ गया लेकिन पीने के पानी की कमी दूर नहीं हो पायी।

पीने के पानी के लिए कोई व्यवस्था नहीं

गांव  में भूगर्भ से जलस्तर काफी नीचे चल गया है जिसके कारण दो सौ फीट तक बोरिग कराने के बावजूद भी पानी नहीं मिल रहा है। बगल से गुजरी गोखुला नदी में जाकर गांव के लोग पानी के सारे कार्य को करते हैं। ग्रामीण बताते हैं कि इधर जो बरसात हुई उससे बहुत राहत मिली है। खेती के लिए तो हम लोग इस वर्ष सोचे भी नहीं थे कि धान रोपने का काम कर पाएंगे। बिजली का तार खेतों तक नही पहुंचाया गया है। इसके लिए नाजायज पैसे की मांग बिजली विभाग के कर्मचारी करते हैं। खेतों मे बिजली पहुंच जाए तो बहुत हद तक राहत मिलेगी।

वार्ड संख्या 3 में गली-नाली और नलजल के कार्य कराने के लिए अभी तक पैसा आवंटित नहीं हुआ है। पैसा नहीं आवंटित होने से वार्ड सभा कराने के लिए कभी भी पंचायत सचिव या कोई नहीं बोला, इसके कारण यहा वार्ड सभा नहीं कराई जाती है।

ग्रामीणों ने कहा चुनाव का समय था उस वक्त विजय माझी आए थे तो हम लोगों ने पीने के पानी की समस्या को बताया था, लेकिन कोई फायदा नहीें हुआ। आज भी हम लोग कुएं का पानी पी रहे हैं। जबकि बगल में एक वर्ष पहले यहां सात निश्चय योजना के तहत टंकी लगायी गयी है। पाइप दरवाजा पर पहुंच गया लेकिन इससे आज तक पानी नहीं मिला।

चीयर्स डेस्क 

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