घड़बड़ गॉव में हैं गड़बड़, जवानी में बूढ़े हो रहें हैं लोग

झारखंड के धनबाद जिले  में एक ऐसा पंचायत है, जहां कम उम्र के युवा भी अधेड़ दिखते हैं। यहां के पानी में अत्यधिक फ्लोराइड व आर्सेनिक की मात्रा होने के कारण आसपास के 26 गांव के लोगों की हड्डियां कमजोर हो चुकी हैं। धरती से निकलने वाले इस जहर से 26 गांव प्रभावित हो रहे हैं।

मामला जिला मुख्यालय धनबाद से करीब 35 किलोमीटर दूर घड़बड़ गांव का है। इस गांव के पानी में फ्लोराइड व आर्सेनिक की मात्रा अधिक होने के कारण 26 गांव के लोगों की हड्डियां कमजोर हो चुकी हैं। घड़बड़ गांव में 30 से 40 की उम्र में ही युवा वृद्ध दिखने लगते हैं। यहां के लोगों की पैर व रीढ़ की हड्डियां 40 साल के बाद सीधी नहीं रह जाती हैं। इस गांव में शायद ही कोई ऐसा घर बचा होगा, जिसमें हड्डी से संबंधित रोग के मरीज नहीं होंगे। हाथ पैर टेढ़ा और कमर से झुक चुके इंसान हर घर में देखने को मिलते हैं। यहां के युवाओं के दांत पीले हो कर खराब हो हो रहे हैं।

घडबड़ पंचायत का ब्राह्मण टोला हो या फिर धीवर बाऊरी टोला सभी गांव में अच्छे घर, अच्छी सड़क, बिजली, डिश टीवी और नेट आदि की सुविधाएं मौजूद हैं, लेकिन धरती के नीचे से फ्लोराइड के रूप में निकलने वाले मीठे जहर की बूंद से पूरा गांव बीमारी से ग्रस्त हो चुका है। यहां तक कि बलियापुर स्वास्थ्य केंद्र में इन रोगों की जांच और उसके इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां तक कि धनबाद के पेयजल स्वच्छता विभाग ने अब तक स्वच्छ पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था नहीं है।

बलियापुर स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी डॉ. सर्वजीत सिंह कहना है कि फ्लोराइड को दूर करने का  एक मात्र विकल्प दूसरे जगह से स्वच्छ जल की आपूर्ति ही एक मात्र रास्ता बचा है। पानी गर्म करने से भी फ्लोराइड दूर नहीं होता। वहीं इस समस्या पर सरकारी पहलकदमी में भी लापरवाही साफ-साफ दिखाई देती है।

चीयर्स डेस्क 

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