गुजरात और बिहार की राह पर आंध्र प्रदेश

गुजरात और बिहार में शराब के प्रतिबंध के बाद अब आंध्र प्रदेश सरकार भी इस राह पर चल पड़ी है। गुरुवार को हुई बैठक में मुख्यमंत्री वाइएस जगन मोहन रेड्डी ने राज्य में बार की संख्या कम करने पर जोर दिया। इस दौरान सभी अधिकारियों को सुनिश्चित करने  के लिए कहा गया है अगले साल जनवरी से राज्य में बार को खोलने का समय सुबह 11 बजे से रात 10 बजे तक रहेगा।

इसके अलावा राज्य में बार की संख्या कम करने पर भी जोर दिया। आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि उन्होंने उसी के लिए दिशानिर्देशों का एक सेट तैयार करने का आदेश दिया और लंबित करों को इकट्ठा करने के लिए एक प्रक्रिया का मसौदा तैयार करने को कहा।

अधिकारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में इस साल अक्टूबर तक वाणिज्यिक करों के माध्यम से एकत्र की गई राशि में 0.14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पिछले साल अक्टूबर तक एकत्र किया गया वाणिज्यिक कर 24,947 करोड़ रुपये था, जबकि इस साल अक्टूबर तक राजस्व 24,982 करोड़ रुपये था। आबकारी विभाग के  राजस्व में 8.91 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। विभाग ने पिछले वर्ष की इसी अवधि में 4043.72 करोड़ रुपये की आय हुई थी और इस वर्ष राजस्व 3683.25 करोड़ रुपये था।

वैसे देखा जाय तो शराब पर प्रतिबन्ध लगाने की बात पर सभी राज्य एक सुर में नहीं बोलते क्यूंकि बहुत से राज्य ऐसे हैं जहाँ आय का मुख्य श्रोत शराब ही है। अब देखना होगा की आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा लिया गया ये फैसला कितना कारगर साबित होता है।

चीयर्स डेस्क 

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