कानपुर में जहरीली शराब पीने से दस की गई जान

यूपी में जहरीली शराब का कहर थमने का नाम ही नहीं ले रहा है, अभी एक महीने पहले ही सहारनपूर व कुशीनगर में जहरीली शराब की वजह से 114 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद पुलिस व आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर लाखों लीटर शराब बरामद की थी। लेकिन कानपुर मे फिर हो गए जहरीली शराब कांड से इन अभियानों का सच सामने आ गया है।

कानपुर के घाटमपुर तहसील के कोरथा गांव में शनिवार को अवैध रूप से बिक रही शराब पीने से दस लोगों की मौत हो गई। ग्रामीणों का दावा है कि कुछ लोगों ने परचून की दूकान से शराब खरीद कर पी है जो जहरीली थी। जबकि जिला आबकारी अधिकारी का कहना है कि ये मौतें ज्यादा शराब पीने के कारण हुई हैं।

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मौतों की सूचना पाकर डीएम और एसएसपी भी मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घाटमपुर की साढ़ चौकी क्षेत्र के कोरथा गांव के लोगों का आरोप है कि राहुल यादव, राजू यादव और सुरेश की दुकानों से कई कई साल से अवैध रूप से शराब बेची जाती है। शनिवार को भी कई ग्रामीणों ने राहुल की दुकान से खरीद कर शराब पी थी। इसके बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ी। इन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कानपुर के एक अस्पताल में वीरेंद्र की मौत हो गई। शाम को शिवशंकर ने भी दम तोड़ दिया। लोंगों में इन मौतों से इतना रोष था कि वहां पहुंची पुलिस की ग्रामीणों से जमकर झड़प हो गई। एसपी ग्रामीण प्रद्युम्न सिंह के अनुसार, पूछताछ जारी है। आरोपित जल्द गिरफ्तार होंगे।

शराब कांड में निलंबित

मामले में जिला आबकारी अधिकारी कानपुर के साथ, घाटमपुर थाने के इंस्पेक्टर, चोकी इंचार्ज और एक सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। पोस्टमॉर्टम में मौत की वजह साफ नहीं होने के कारण आगे की जांच के लिए विसरा सुरक्षित करवाया गया है। एसएसपी अनंत देव ने घाटमपुर थाने के एसएचओ देवेंद्र सोलंकी, साढ़ चौकी प्रभारी जनार्दन प्रताप सिंह और एक सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। एसएसपी कानपुर ने अवैध शराब की बिक्री में संलिप्त दो सिपाही को बर्खास्त कर दिया है।

पुलिस का फिर 15 दिन का विशेष अभियान

पुलिस एक बार फिर कच्ची शराब को लेकर 15 दिन का विशेष अभियान चलाएगी। कानपुर की घटना के बाद यूपी के डीजीपी ने एक बार फिर ऐसा आदेश जारी किया है। मालूम हो कि सहारनपुर और कुशीनगर में काफी संख्या में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद भी 15 दिन का विशेष अभियान चला था । हालाकि इस अभियान के खत्म होने के कुछ दिन बाद ही कानपुर में ऐसी घटना सामने आने लगी ।

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आईजी कानून व्यवस्था  ने बताया कि कानपुर की घटना पर कार्रवाई करते हुए इंस्पेक्टर, चौकी इंचार्ज और दो सिपाहियों को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है । इस घटना में दस लोगों की मौत हुई है और 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है । उन्होंने बताया कि डीजीपी ने कानपुर नगर में हुई घटना और लोक सभा सामान्य निर्वाचन 2019 को देखते हुए अवैध देशी-अंग्रेजी शराब की तस्करी, निर्माण और बेचने पर रोक लगाने के लिए 11 मार्च से 15 दिन का विशेष अभियान चलाए जाने के निदेश दिए गए हैं। इसके लिए सभी जिलों के वरिष्ठ अधिकरियों को जिलाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं ।

उन्होंने बताया कि हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान और मध्यप्रदेश की पुलिस से भी संपर्क कर शराब की तस्करी करने वालो के खिलाफ कार्यवाही  के निर्देश दिए गए हैं । डीजीपी ने यह भी कहा है कि सतही विवेचना करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी ।

चियर्स डेस्क

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