कब और कैसे पीना चाहिए गन्‍ने का रस

गन्‍ने को यूं तो दांतों से चूस कर खाना बहुत ही लाभदायक होता है, लेकिन अगर आप इसका रस पीते हैं तो वह भी बहुत फायदेमंद रहता है। पीलिया जैसी घातक बीमारी से लेकर गर्भवती महिलाओं तक के लिए यह बहुत लाभकारी है। इसके साथ ही यह गर्मियों में डि‍हाइड्रेशन से बचने का रामबाण इलाज भी है।  इसी तरह शरीर को पूरी तरह स्‍वस्‍थ रखने में भी गन्‍ने का रस बहुत काम करता है।  लेकिन क्‍या आप जानते हैं किे इसे किस समय पीना सही रहता है।

गन्‍ने का रस पीने से जुड़ी ये जरूरी बातें

1. गन्ने का रस हमेशा साफ जगह से पीना चाहिए और गंदगी वाली दुकान से जूस पीना आपको बीमार कर सकता है।

2. यदि संभव है तो गन्ने का जूस बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले गन्नों पर अवश्य नजर दौड़ाएं, क्‍योंकि अगर गन्ने खराब होंगे तो इसका रस बीमारी पैदा कर सकता है।

3. गन्ने का जूस हमेशा ताजा ही पिएं. फ्रीज किया हुआ रस या फिर पहले से बना रस पीने से बचें। यह सेहत को फायदा कम नुकसान ज्‍यादा पहुंचाएगा।

4. गन्ने का जूस पीते वक्त इस बात का ख्याल रखें कि गन्ने के जूस में किसी अन्य चीज की मिलावट न हो।

5. गन्‍ने का रस बहुत ही स्‍वादिष्‍ट होता है लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आप एक साथ काफी मात्रा में इसका सेवन कर लें।  विशेषज्ञों के मुताबिक एक दिन में दो गिलास से ज्यादा गन्ने का रस नहीं पीना चाहिए,यदि आपको कोई बीमारी है खासकर जांडिस तो फिर इसकी मात्रा बढ़ाई जा सकती है।

6. गन्ने का रस निकालने के लिए ज्यादातर दुकानें मशीन का इस्तेमाल करती हैं और आपको शायद न पता हो कि इन मशीनों को चलाने के लिए एक खास किस्म के तेल का उपयोग होता है। ये तेल यदि पेट में चला जाए तो इसका बुरा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है, इसलिए बाहर से जूस पीते समय देख समझकर ही इसका सेवन करें।
चीयर्स डेस्क
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