एमपी में शराब बिक्री के अजब आंकड़े

वैसे तो गुजरात को ड्राई स्टेट कई दशक पहले घोषित कर दिया गया था लेकिन वहां की हकीकत सच्चाई से परे है। जैसे बिहार में शराब की तस्करी यूपी जैसे राज्यों से होती है वहीं गुजरात में शराब की तस्करी का एक श्रोत मध्य प्रदेश भी है।  मध्य प्रदेश के धार, झाबुआ और आलीराजपुर से गुजरात के कई जिलों में किस पैमाने पर शराब की तस्करी की जा रही है। इस बात अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इंदौर से एक तिहाई यानी सिर्फ 11 लाख आबादी वाले झाबुआ जिले में बीयर की बिक्री इंदौर से 46 लाख बोतल ज्यादा है तो भोपाल जिले से 111 लाख बोतल ज्यादा। इंदौर से 10 लाख कम आबादी वाले धार जिले में सिर्फ कुछ लाख बोतल बीयर ही कम बिकती है।

यह आंकड़े साबित कर रहे कि इन जिलों में किस पैमाने पर शराब की तस्करी की जा रही है। अवैध शराब के इस धंधे और कमाई में हिस्सा बांटने की होड़ ही सत्ता पक्ष के नेताओं के बीच चल रही हालिया राजनीतिक उठापटक का कारण बन रही है। हाल ही में एक ऑडियो वायरल होने और उसमें धार के आबकारी अफसर के स्थिति बयां करने के बाद इन आदिवासी बहुल जिलों में शराब की महंगी दुकानें बिकने और खपत इंदौर, भोपाल जैसे शहरों से भी ज्यादा होने की वजहें सामने आने लगी हैं।

आलीराजपुर में 7.50 करोड़ में बिकी दुकानें
पिछड़े और गरीब माने जाने वाले झाबुआ, आलीराजपुर जिले में शराब की दुकान इंदौर से महंगी हैं। वर्ष 2019-20 में इंदौर में औसतन हर दुकान लगभग 4.7 करोड रुपए में गई तो आलीराजपुर में 7.50 करोड़ में बिकी।

चीयर्स डेस्क

loading...
Close
Close