आज भी इस गांव में झरने के पानी से बुझती है प्यास

झारखण्ड के तालझारी प्रखंड मुख्यालय से करीब 16 किलोमीटर दूर बड़ा दुर्गापुर पंचायत का डंगाटोक गांव। यह तालझारी-शर्मापुर मुख्य सड़क पर निमगाछी से बरहेट जाने वाली सड़क से सटा हुआ है। यहां करीब 40 पहाड़िया परिवार दशकों से निवास करते हैं। ऐसे तो डंगाटोक गांव पहाड़ की ऊंचाई पर अवस्थित है। लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए सड़क की व्यवस्था लचर है। महिला व पुरुष ग्राम प्रधान भीमा पहाड़िया के घर के बाहर चौपाल में सभी ने कहा कि सरकार कहती है जल ही जीवन है लेकिन क्या उनके गांव में जल है भी या नहीं इसकी चिता किसे है? आज भी वे सब महिलाएं गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित झरना से पानी लाकर पीते हैं।

जंगल से घिरे पगडंडी रास्ते से झरना तक अकेली महिला डर के कारण जाती नहीं है। सुनसान होने के कारण झुंड में ही महिलाएं पीने का पानी लाने के लिए झरना में जाती हैं तब जाकर वे अपने बच्चों एवं परिवार को पानी उपलब्ध करा पाती है। महिलाओं ने बताया कि कई बार वोट मांगने आने वाले नेताओं से पानी की व्यवस्था करने का आग्रह किया लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।

ग्राम प्रधान भीमा पहाड़िया ने कहा कि उनका गांव मुख्य सड़क से सटा हुआ है। लेकिन आज तक न तो कभी सांसद यहां आये और न ही कभी विधायक उनके गांव आकर समस्या को जाना। आज भी उनके गांव में पीने का पानी की समस्या बनी हुई है। इसके अलावे पीएम आवास भी सबको नहीं मिला है। अब भी 16 परिवार पीएम आवास के लिए आशान्वित हैं। जबकि उज्ज्वला योजना से हर घर को जोड़कर धुआं रहित गैस चूल्हा देने का दावा सरकार हमेशा से करती रही है। बावजूद इसके यहां अभी भी एक दर्जन परिवार गैस चूल्हा के कनेक्शन से वंचित हैं। इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।

लोगों में जनप्रतिनिधियों के प्रति आक्रोश है। चांदी पहाड़िन व गांगी पहाड़िन ने कहा कि अगले महीने 20 तारीख को वोट देने जाना है। कहा कि यहां वोट मांगने आनेवाले को पानी की व्यवस्था करने को कहा जाएगा। उपस्थित लोगों ने कहा कि जो उन्हें पेयजल मुहैया कराएगा वोट उसी को दे देंगे।

चीयर्स डेस्क 

loading...
Close
Close