आईआईटी बीएचयू के छात्रों ने बनाया पानी बचाने वाला प्यूरीफायर

आईआईटी  बीएचयू  के दो छात्रों ने बड़ा काम किया है। सिविल इंजिनियिरंग की पढ़ाई करने के बाद नवीन कुमार और रोहित मित्तल ने केंद्र सरकार की योजना के तहत स्टार्टअप कंपनी खोलने के लिए विभिन्न संस्थाओं से दो करोड़ रुपए बटोरने के बाद बाजार में ऐसा वाटर प्यूरीफायर उतारा जो पानी को शुद्ध करने के लिए कम पानी बर्बाद करता है।

एक लीटर पानी को शुद्ध करने में वाटर प्यूरीफायर में जो दो लीटर पानी का खर्च होता है, उसको इन छात्रों ने अपने उत्पाद में 70 प्रतिशत तक कम करके दिखाया। आईआईटी बीएचयू से निकली स्टार्टअप कंपनी के जल बर्बादी रोकने के लिए किए गए कार्य को देखकर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सेंटर स्टार्टअप इम्पैक्ट चैलेंज के लिए 10 लाख रुपए सहित कई संस्थाओं की ओर से सम्मानित किया जा रहा है।

2015 में कंपनी के रूप में शुरू किया काम
आईआईटी बीएचयू के मालवीय उद्यमिता एवं नव प्रवर्तन केंद्र के प्रभारी प्रफेसर प्रदीप कुमार मिश्रा ने बताया कि चार साल पहले जल संरक्षण एवं शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के एक नए विचार के साथ शुरू हुई स्टार्टअप कम्पनी ने एक नई ऊंचाई को छुआ। उन्होंने आईआईटी बीएचयू के ही सिविल इंजिनियरिंग के छात्र नवीन कुमार एवं रोहित मित्तल ने सात जनवरी 2015 से मालवीय उद्यमिता एव नवप्रवर्तन केंद्र के साथ Iminbit TechIndia प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में काम करना शुरू किया।

2 करोड़ का फंड बटोरा
कंपनी ने अपने उत्पाद Aquvio (वाटर प्यूरीफायर) के नई इकाई की स्थापना के लिए विभिन्न संस्थाओं से सहायता प्राप्त कर 2 करोड़ रुपये का फंड बटोरा। इस कंपनी को फंड उपलब्ध कराने वाली संस्थाओं में मुख्य रूप से टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड, आईआईटी कानपुर प्रमुख रहें हैं। इस कंपनी ने बाजार में जो वाटर प्यूरीफायर उतारा वह जल संरक्ष्रण की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि सामान्यतः किसी भी वाटर प्यूरीफायर द्वारा पानी को शुद्ध करने की प्रक्रिया में यदि एक लीटर पानी शुद्ध होता है तो 2 लीटर पानी की बर्बादी होती है। इस वाटर प्यूरीफायर द्वारा पानी के इस अपव्यय को 70 प्रतिशत तक कम किया जाता है। तथा इसकी कीमत भी अन्य वाटर प्यूरीफायर के मुकाबले बहुत कम है।

चीयर्स डेस्क 

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