अहिरन नदी का राखड़युक्त पानी पीने को मजबूर गांव वाले

छत्तीसगढ़  के कोरबा स्थित NTPC का 1340 मेगावाट का ऐश डैम ग्राम डिंडोलभांठा में स्थित है। यहां से राखड़युक्त पानी को अहिरन नदी में छोड़ा जा रहा है। इससे नदी में 5 इंच का परत जम गई है। एक माह से राखड़ आने से नदी का पानी इस्तेमाल लायक नहीं रह गया है। इसकी वजह से आसपास गांव के लोग परेशान हैं। अहिरन नदी बरमपुर के पास हसदेव नदी से मिलती है। इसकी वजह से ही हसदेव का पानी राखड़युक्त हो गया है। पॉवर प्लांट के राखड़ के कारण ही शहर में प्रदूषण की समस्या बढ़ी हुई है।

नदी में राखड़ छोड़ने से पानी भी प्रदूषित हो गया है। राखड़ डेम के लिए पंडरीपानी, बिरवट, छिरहुट, डिंडोलभांठा, डोढ़कीधरी गांव की जमीन ली गई थी। इन्ही गांवों के 5 हजार से अधिक ग्रामीण अहिरन नदी के पानी का प्रयोग करते हैं। लेकिन एक महीने से चोर छिपे पानी के साथ राखड़ को भी बहाया जा रहा है।पानी प्रदूषित होने के कारण मवेशी भी इसका पानी नहीं पी रहे हैं।

पहले पीते थे नदी का पानी

डिंडोलभांठा के मनराम सारथी ने बताया कि पहले अहिरन नदी के पानी का उपयोग लोग पीने के लिए भी करते थे। अब इतनी राखड़ आ गई है कि पूरा दलदल ही हो गया है। कई बार मवेशी दलदल में फंस जाते हैं। पानी कम होने से राखड़ ऊपर आ गई है। इसकी शिकायत करने पर उल्टे अधिकारी ही ग्रामीणों पर आरोप लगाते हैं। मजबूरी में लोगों को अहिरन नदी के पानी का उपयोग करना पड़ रहा है। प्रदूषित होने के कारण कई तरह की बीमारी से जूझना पड़ रहा है। मवेशी भी बीमार हो रहे हैं। सबसे अधिक समस्या चर्म रोग की है। साथ ही स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। कई बार आंदोलन भी कर चुके हैं।

चीयर्स डेस्क 

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