अब रेलवे बचाएगा 40 लाख लीटर पानी

लखनऊ के चारबाग स्टेशन पर ट्रेनों की धुलाई और बोगियों में इस्तेमाल होने वाले करीब 40 लाख लीटर पानी की अब रेलवे बचत करेगा। इसके लिए चारबाग में जल निगम के सहयोग से तीन वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट बनेंगे। इस प्लांट के जरिए पीने के साफ़ पानी की भी बचत होगी। इसी तरह का प्लांट दिल्ली में भी लगा हुआ है। रेलवे बोर्ड ने उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के प्रस्ताव को मंजूर कर दिया है। मंडल प्रशासन जल निगम से इसका डीपीआर बनाएगा, जिसके बाद इसकी लागत तय कर उसे ¨पक बुक में मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

चारबाग स्टेशन की तीन वॉशिंग लाइनों पर ट्रेनों की धुलाई और मरम्मत का काम होता है। चारबाग यार्ड की दो वॉशिंग पिट पर एसी एक्सप्रेस, गोमती एक्सप्रेस और लखनऊ मेल की धुलाई व बोगियों में पानी भरने का काम किया जाता है। गंगा गोमती एक्सप्रेस, वाराणसी व प्रयाग इंटरसिटी, चंडीगढ़ एक्सप्रेस, यशवंतपुर एक्सप्रेस और अहमदाबाद एक्सप्रेस की मरम्मत चारबाग स्टेशन की ओल्ड वॉशिंग लाइन पर होती है। पुराना किला वॉशिंग लाइन पर भी रोजाना चार से पांच ट्रेनों की धुलाई होती है।

रेलवे की इन तीनों वॉशिंग लाइन पर रोजाना 40 लाख लीटर पानी खर्च होता है। साथ ही बोगियों की टंकियां भी भरी जाती हैं। यह पानी बोगियों के शौचालय, वॉश बेसिन में इस्तेमाल होता है। अब रेलवे रोजाना खर्च होने वाले 40 लाख लीटर पानी की बचत करेगा। चारबाग की तीनों वॉशिंग लाइन पर यह तीन बड़े वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट बनेंगे। यहां बोगियों की धुलाई और चारबाग स्टेशन से इस्तेमाल पानी को एकत्र कर उनका शोधन किया जाएगा। इस पानी का इस्तेमाल फिर से धुलाई और बोगियों की टंकियां भरने में होगा।

 चीयर्स डेस्क 

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