चार्ज नहीं लेकिन करना होगा रिचार्ज

यूपी सरकार भी अब पीने के पानी के संसाधनों के दोहन पर सख्ती करने के मूड में दिख रही है। पिछले दिनों प्रधानमंत्री ने पीने के पानी को लेकर जो संदेश दिया है, उसके बाद से यूपी सरकार ने इस सम्बंध में कार्रवाई करने का प्लान तैयार करने के निर्देश उच्च स्तर पर जारी किए हैं। इसी से सम्बंधित यूपी सरकार ने एक नया विभाग ’जल शक्ति विभाग’ का सृृजन भी कर दिया है। कई विभागों को जोड़कर बनाए जाने वाले इस विभाग के लिए श्री महेन्द्र सिहं को मंत्री नियुक्त कर दिया गया है।

यूपी के जल शक्ति मंत्री डॉ महेन्द्र सिंह भी अलग से नियुक्त कर दिए गए हैं। उन्होंने  कहा कि हम जितना चाहें जल का दोहन कर सकते हैं। इसके लिए कोई चार्ज नहीं देना होता है। आगे भी कोई चार्ज नहीं देना होगा लेकिन जितना पानी दोहन करेंगे उतना रिचार्ज अवश्य करना होगा। सब ठीक रहा तो अगले तीन से चार महीने में प्रदेश सरकार वाटर रिचार्ज से संबंधित कानून तैयार कर लेगी। डा. महेंद्र सिंह ने बताया कि जल संरक्षण से संबंधित विभागों की चार सितंबर को लखनऊ में बैठक है। इसमें पानी के दोहन और संरक्षण से संबंधित कानून बनाने पर विचार होगा।

कानून के दायरे में अस्पताल, स्कूल, कालेज, कल-कारखाने, कार्यालयों आदि प्रतिष्ठानों को लाया जाएगा। ताकि वह जितना भी जल ले रहे हैं उतना जल धरती मां को दें। वाटर रिचार्ज अवश्य करें ऐसा प्राविधान किया जाएगा। नहीं तो दंड का प्राविधान होगा। तालाबों पर से कब्जा हटाने के लिए राजस्व विभाग को डायरेक्शन देंगे। हमारा लक्ष्य है कि पानी का संरक्षण कर सभी के लिए उपलब्धता सुनिश्चित हो। तीन दशक पुरानी सरयू और बाण सागर परियोजना को पूरा किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर केन और बेतवा नदियों को जोडऩे का लक्ष्य है जो बाढ़ से राहत के साथ ही बुंदेलखंड की पानी से संबंधित सभी समस्याओं का निदान कर देगी।

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