द बैटल ऑफ वाइन…यानी क्वालिटी की जंग

वाइन पीने का चलन अब तो भारत में भी बढ़ता जा रहा है, लेकिन अब से दो तीन दशक पहले तक वाइन यूरोप के जीवन का अहम हिस्सा थी। कौन सी वाइन सबसे अच्छी है, और कौन सी वाइन कम अच्छी है। वाइन की इस प्रतिस्पर्धा में एक वाइन पर पूरी एक किताब लिख दी गई।

शराब भी है, ऑन लाइन चुड़ैल, जादूगरनियों के कारोबार में

इसीलिए जब कोई ‘कमांडारिया’ की बात करते हैं , तो यह ऐसा लगता है जैसे कि मिथक और वास्तविकता के बीच की दुनिया की बात करना, इसलिए किसी भी तरह से सुनी या पढ़ी गई बातों से आश्चर्यचकित नहीं होना चाहिए। इसके अलावा किसी को भी विश्वास नहीं होगा कि एक वाइन के लिए एक पूरी 260 पेज की किताब लिखी भी जा सकती है। किताब वही है ‘कमांडरिया, द लीजेंड्री वाइन ऑफ साइप्रस‘ है।

हजार तरह की काॅकटेल वाला बवेरिया का हैमिंग्वे बाॅर

यूरोप में द बैटल ऑफ वाइन को कभी कभी ‘द बैटल ऑफ द ब्लेंड्स‘ भी कहा जाता है जो 1224 में हेनरी डीएंडली द्वारा लिखी गई एक उल्लेखनीय कविता थी और फ्रांसीसी राजा फिलिप ऑगस्टस द्वारा आयोजित एक प्रसिद्ध वाइन प्रतियोगिता की कहानी बताती है। इस पहली वाइन प्रतियोगिता के आयोजक साइप्रस से अनजान नहीं थे, इसके विपरीत द्वीप से उनके संबंध महत्वपूर्ण थे। वाइन की समीक्षा में अपनी गंभीरता और निष्पक्षता साबित करने के लिए राजा ने एक विदेशी विशेषज्ञ, गैर फ्रांसीसी को नियुक्त किया था, जो यह परख सके कि सभी में से कौन सी वाइन सबसे अच्छी है, और वह कोई और नहीं बल्कि एक अंग्रेज पादरी था, जो शराब पीने में का जबर्दस्त मास्टर था ।

भूटानी पानी वाली टेस्टी देशी बियर भारत आने को तैयार

इस प्रकरण में साइप्रस, स्पेन और मोसेल क्षेत्र सहित फ्रांस और पूरे यूरोप से 70 से अधिक नमूनों को टेस्ट किया गया। पादरी ने वाइन का वर्गीकरण किया जिसमें उन्होंने एक श्रेणी में वैसी शराब को रखा जो उन्हें पसंद आईं, और दूसरी श्रेणी में वैसी शराब रखी जो उनके मानकों पर खरी नहीं उतरी। अंत में साइप्रस से एक मीठी वाइन, व्यापक रूप से माना जाता है कि ‘कमांडारिया’ को ‘अपोस्त्ल‘ के  सर्वोच्च खिताब से सम्मानित किया गया।

चीयर्स डेस्क

loading...
Close
Close