शाम गहराते ही चालू हो जाता है कार बाॅर

दिल्ली सरकार की सख्ती ने रंग दिखाया तो अब कनाट प्लेस हो या साउथ एक्स, कार बार और सड़क किनारे खड़े होकर ग्रुप बनाकर शराब पीने पर अंकुश लगा है लेकिन गुरुग्राम में अंधेरा होते ही सड़कों के किनारे शराब पीने का चलन बढ़ता ही जा रहा है। कार बार कल्चर गुरुग्राम में सबसे ज्यादा देखने में आता है। चीयर्स डाॅट काॅम की टीम को मई के तीसरे सप्ताहांत में हीरो होण्डा चैक से लेकर द्वारिका एक्सप्रेस वे के रास्ते में जितनी भी शराब की दुकानें मिलीं, सभी के सामने और आस पास चालीस पचास कारों में लोग शराब पी रहे थे।

बंदर भी जम कर पीते हैं शराब

सेक्टर 29 में तो जैसे शराब का जश्न ही मनाया जा रहा हो। वहां पर तो पीने और पिलाने का ऐसा माहौल है जैसे यहां पर कोई और काम होता ही नहीं है। कहने को यहां पर हरियाणा पुलिस रात 11 बजे ये सब बंद करा देती है लेकिन असलियत ये है कि यहां पर देर रात तीन बजे तक पब और बार आराम से चलते रहते हैं। यहां पर रात के एक बजे तक करीब सौ कारें खड़ी थीं और इनमें बार चल रहे थे। इनके अलावा इतनी ही कारें और खड़ी थीं जिनके लोग अंदर पब और बार में पी रहे थे।

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लखनऊ भी इस मामले में पीछे नहीं है। विकासनगर के मामा चैराहे के पास अंग्रेजी शराब व बीयर शॉप के बाहर एक बड़े से ग्राउंड में पचास से ज्यादा लोग शराब पी रहे थे जबकि पार्क के आसपास पुलिस पूरी तरह नदारद दिखी। इस ग्राउंड में दुकान के बाहर शराब पीने वालों के लिए बाकायदा एक बेंच तक रखी है। यही नहीं शराबियों के लिए नमकीन बेचने वालों ने ठेला भी लगा लिया है।

शराब वहीं ज्यादा बिकती है, जहां गरीबी अधिक है

इंदिरानगर के फरीदीनगर स्थित पिकनिक स्पॉट रोड पर अंग्रेजी शराब की दुकान के बाहर वाहनों की लंबी कतार लगी थी और बाइक खड़ी कर चार लोग बेखौफ होकर शराब-बीयर पीते मिले। कई बार वे आपस में झगड़ते नजर आए। स्थानीय लोगों के मुताबिक, शराबियों के कारण शाम होने के बाद यहां से निकलना मुश्किल हो जाता है। लोगों ने आरोप लगाया कि मॉडल शॉप के वेटर ही सड़क पर शराबियों को नमकीन और पानी सर्व करते हैं। अलीगंज के पुरनिया चैराहे के पास नाले के किनारे गुमटी के बगल में 15 से 20 युवकों का जमावड़ा लगा था। गोमतीनगर में हुसड़िया चैराहे के पास मॉडल शॉप के बाहर शराबी आधी सड़क पर कब्जा कर अपनी उसमें जाम छलका रहे थे जबकि चैराहे के दोनों ओर पुलिस बूथ बना हुआ है।

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यूपी के औरैया शहर के मुहल्ला गोविंदनगर में शाम ढलते ही शराबियों की महफिलें सजने संवरने लगती है। और यही शराबी देर रात तक सड़कों पर जमकर उत्पात मचाते रहते हैं। इन्हें खाकी का खौफ नहीं है। यहां से महिलाओं का निकलना भी मुश्किल हो गया है। कानपुर की माल रोड और वीआईपी रोड पर कम लेकिन आस पास की सड़कों खासतौर पर जाजमऊ की ओर जाने वाली सड़कों और गंगा ब्रिज के आस पास भी रोज शाम गहराते ही कार बार चालू हो जाते हैं।

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औरेया ही क्यों, गाजियाबाद और नोएडा भी कार बार के मामले में किसी से पीछे नहीं हैं। नोएडा के एक पुलिस अधिकारी ने चीयर्स टीम से बात करते हुए कहा कि कार बार पर सख्ती बहुत अधिक संभव नहीं है, कहां तक पुलिस किस किस कार के पीछे दौड़ेगी।

चीयर्स डेस्क

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