’पाॅवर हाउस’ ने एक घर के चार को मारा, कई अन्य भी गए

बाराबंकी में जिस देशी शराब ने कई घरों में कोहराम बरपा कर दिया उसका नाम ’पावर हाउस’ है। यही ’पावर हाउस’ पीकर छोटे लाल के तीन बेटे मर गए, छोटे लाल एक बैंक में चपरासी था। उसके बेटों ने भी यही पावर हाउस की एक बोतल खरीद कर पी ली थी और स्वर्ग सिधार गए। ये सभी दैनिक कमाई करने वाले मजदूर थे। इस पावर हाउस ने एक ही घर के चार लोगों को स्वर्ग का रास्ता दिखा दिया। अब इस परिवार का क्या होगा, ’पावर हाउस’ बनाने वालों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

बाराबंकी के आबकारी विभाग के लोग तथा पुलिस अभी तक यह बताने में नाकाम रही है कि पावर हाउस नामक इस शराब को बनाने वाली कंपनी कौन है और ये पावर हाउस बाराबंकी के गांवों तक पहुंची किस तरह। बाराबंकी की पुलिस और आबकारी विभाग के जिम्मेदार लोग इस मामले पर चुप हैं। चुप तो वह हर कांड के बाद ही हो जाते हैं। सरकारी अमला हर बार की तरह इस बार भी इन लोगों की मौत के बाद शांत हो जाएगा क्योंकि मरा तो ’शराबी’ है, लेकिन यह कहने वाला कोई नहीं कि यही ’शराबी’ तो सबसे अधिक टैक्स देता है सरकार को, लेकिन जिस सरकार को ये सबसे अधिक टैक्स देता है, वही सरकार उसकी सबसे अधिक उपेक्षा करती है।

उधर बाराबंकी के अन्य गांवों में भी ग्रामीण आश्चर्य चकित हैं कि आखिर सरकारी ठेके में भी जहरीली शराब कैसे मिल रही है। रानीगंज कांड के बाद पूरे बाराबंकी समेत लखनऊ के शासन और सरकारी हलकों में आबकारी विभाग की थू थू हो रही है। पुलिस की तो छवि ही ऐसी है कि उस पर रोजाना थू थू होती ही रहती है। लेकिन आबकारी विभाग की इतनी जबर्दस्त थू थू पहली बार देखने को मिल रही है। बाराबंकी के रोडवेज बस अड््डे पर चियर्स डाॅट काॅम के संवाददाता को कई लोगों ने बताया कि आबकारी विभाग इतना भ्रष्ट हो जाएगा कि सरकारी ठेकों पर अवैघ देशी शराब बिकवाएगा, सोचा नहीं था।
जिस छोटे लाल और उसके बेटों की बात हो रही है उसने शनिवार की रात ’पावर हाउस’ पी थी तो रविवार की सुबह उसके पेट में जबर्दस्त दर्द हुआ।

रविवार की शाम उन लोगों ने इसी पावर हाउस को ये सोच कर फिर से पी लिया कि इससे दर्द ठीक हो जाएगा। उसकी पत्नी के अनुसार रविवार की रात से ही छोटे लाल और बेटों को असहय पेट दर्द शुरु हो गया। डाक्टर को दिखाया लेकिन वह कुछ भी नहीं बता पाया। तब तक उसके पति की आंखों की रोशनी जा चुकी थी। उसने पानी मांगा, तो पत्नी ने बेटों को आवाज दी कि पानी दे दो लेकिन वह भी पावर हाउस पीकर तब तक मर चुके थे। इन दर्दनाक मौतों के अलावा जिस दुकान से छोटे लाल ने पावर हाउस खरीदी थी उसी दुकान से कई अन्य ने भी यही पावर हाउस खरीदी और पीकर मर गए या अभी जिंदगी और मौत की जंग में जूझ रहे हैं।

चीयर्स डेस्क

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