पीएम मोदी ने कहा शराब की लत भी छुट सकती है योग से

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने योग के जरिए शराब की लत से छुटकारा पाने की बात कही है। उन्होंने रांची में योग दिवस के अवसर पर कहा कि “योग में शराब की लत से छुटकारा पाने और मधुमेह से निजात पाने का भी समाधान है।”

याद रहे कि 21 जून को योग दिवस की पूरे देश में  योग दिवस की धूम मची हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों, भाजपा शासित राज्य सरकारों के राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों सहित सभी लोग योग दिवस पर योग करते नजर आए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को झारखंड की राजधानी रांची के प्रभात तारा मैदान में हजारों लोगों के साथ योग किया।

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को योग दिवस के अवसर पर कहा कि योग का सिद्धांत शांति, समृद्धि और सद्भाव को बढ़ावा देना है। पांचवें विश्व योग दिवस के मौके पर एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए रांची पहुंच कर प्रभात तारा मैदान में एकत्र हुए 30,000 लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “योग हमेशा शांति और सद्भाव से जुड़ा रहा है। मैं लोगों को योग अपनाने के लिए धन्यवाद देता हूं। मैं लोगों से इसे हिस्सा बनाने का आग्रह करता हूं।”
पीएम मोदी ने वैश्विक दर्शकों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए कुछ मिनटों के लिए अंग्रेजी में बोला। मोदी ने कहा, “योग जाति, धर्म, क्षेत्र और किसी भी सीमा से परे है।” उन्होंने कहा, “योग में शराब की लत से छुटकारा पाने और मधुमेह से निजात पाने का भी समाधान है।” उन्होंने योग में शोध की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि दुनिया को इसके लाभों के बारे में नई जानकारियों से अवगत कराया जा सके। उन्होंने देश के युवाओं में दिल से संबंधित समस्याओं के बारे में भी चिंता व्यक्त की।

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शायद पहली बार शराब के प्रति कोई बयान दिया है। उन्होंने कहा कि योग अपनाने से शराब की लत से भी छुटकारा पाया जा सकता है। प्रधानमंत्री एक तरफ तो शराब की लत से छुटकारा पाने की बात कह रहे हैं लंकिन दूसरी तरफ बीजेपी शासित कई राज्यों में शराब ही राजस्व कमाने का मुख्य स्त्रोत बनकर उभर रहा है। यूपी सरकार नेे शराब से इस साल राजस्व का 33000 कारोड़ का टारगेट रखा है और हाल ही में माइक्रो ब्रेवरी की इजाजत देने के फैसले तथा आबकारी के अन्य नए आय के स्त्रोत को मिलाकर यह टारगेट प्रति वर्ष करीब 49000 करोड़ रुपए तक जाता है। लखनऊ शराब एसोसिएशन के महासचिव कन्हैयाला मौर्या भी उन्चास हजार करोड़ राजस्व की बात को सही मानते हैं। यूपी की ही तरह हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी शराब से होने वाली आय राज्य सरकार का राजस्व कमाने का मुख्य स्त्रोत हो गई हैं।

चीयर्स डेस्क

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