पीने के मामले में यूपी कर रहा Trend

दिल्ली का रास्ता तो यूपी होकर जाता ही है…..तो अगर भारत में पीने वालों की संख्या बढ़ रही है तो जाहिर है कि यूपी के बिना तो ये संभव नहीं हो सकता, तो जनाब यूपी में भी बड़ी तेजी से बढ़ रहे हैं शराब उपभोक्ता और इसका सबसे अधिक लाभ अगर किसी को हो रहा है तो वह है यूपी की सरकार। यूपी में पिछले दिनों अंग्रेजी और देसी शराब से मिलने वाले राजस्व में तेजी से इजाफा हुआ है। अगर पिछले साल की ही बात की जाए तो 2018 के शुरुआती छह महीनों के आंकड़े गवाह हैं कि देसी और अंग्रेजी शराब की खपत इस अवधि में 30 फीसदी तक बढ़ी।

यूपी के आबकारी विभाग के आंकड़े बताते हैं कि सितंबर 2018 तक यूपी में 20 करोड़ लीटर देशी शराब बिकी। जबकि, सितंबर 2017 तक यूपी में 15.35 करोड़ लीटर देशी शराब बिकी थी, जिसकी अपेक्षा 2018 में देशी शराब की बिक्री में 30.3 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।

ऐसा नहीं है कि देशी पीने वालों से अंग्रेजी पीने वाले किसी तरह कम हैं। उनमें शराब पीने की वृद्धि देशी पीने वालों की अपेक्षा कुछ प्रतिशत अधिक ही दर्ज की गई है। इसी अवधि में अंग्रेजी शराब सितंबर 2018 तक 9.26 करोड़ बोतलें बिकीं, जो पिछले साल इस दौरान बिकी 7.08 करोड़ बोतलों से 30.8 फीसदी ज्यादा हैं। यानी देशी पीने वालों से अंगे्रजी पीने वालों की संख्या 0.05 फीसदी ज्यादा रही। जग देशी और अंग्रेजी की खपत धड़ल्ले से बढ़ रही है तो बीयर कैसे पीछे रह जाए। इसी अवधि मंे बीयर की खपत में भी 10 फीसदी की वृद्धि हुई है। 2017 में इस दौरान बीयर की 16.58 करोड़ बोतलें बिकी थीं, जबकि 2018 में में 18.26 करोड़ बोतलों की बिक्री हुई।

चीयर्स डेस्क

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