पी तो दबा के पी, छोड़ दी तो फिर कभी नहीं पी: पूजा भट्ट

बाॅलीवुड की मशहूर हीरोइन पूजा भट्ट को इस साल 24 दिसंबर को शराब पिए तीन साल हो जाएंगे। पूजा ने 2016 के दिसम्बर की 24 तारीख के बाद से एक बूंद भी शराब नहीं पी है। क्रिसमस, नया साल और उनका जन्मदिन सब बीत गए इस बीच लेकिन उन्होंने नहीं पीना थी तो नहीं पी। उम्र के 47 वें पड़ाव पर पहुंच चुकी पूजा के लिए ये आसान नहीं था। इस बारे में वो खुलकर बात करती हैं।

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पूजा ने जो कहा उसे शराब के लती यानी एडिक्ट लोगों के लिए प्रवचन से कम नहीं मानना चाहिए। पूजा ने हाल ही में मुंबई के एक दैनिक अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा कि “मैं अल्कोहलिज्म से जुड़े स्टिग्मा को तोड़ना चाहती हूं। औरतों को इस मामले में मदद लेने से हतोत्साहित किया जाता है। क्योंकि परिवार के लिए ये शर्म की बात हो जाती है। हम अपनी कमजोरी बता नहीं पाती हैं, ये हमारे लिए कैंसर बन जाता है।” पूजा के मुताबिक उनके पापा महेश भट्ट ने इसमें उनकी बहुत मदद की।

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बात 2016 के दिसम्बर 21 की थी जब महेश भट्ट ने पूजा को फोन किया। दोनों नेताओं के बारे में बात कर रहे थे। फोन रखते हुए महेश भट्ट ने कहा ‘बेटे, मैं प्यार करता हूं तुमसे’। पूजा ने कहा ‘पॉप्स, मैं भी प्यार करती हूं आपसे। और मेरी नजर में आप सबसे प्यारे हैं दुनिया में’। महेश ने कहा ‘अगर तुम मुझे प्यार करती हो तो खुद से करो। क्योंकि मैं ही तुम्हारे अंदर रहता हूं’। ये वो क्षण था जब पूजा को महसूस हुआ कि कुछ बातें सीधे नहीं कही जाती हैं। पूजा शराब पिए हुए थीं और उन्होंने उसी वक्त तय किया कि बस, अब और नहीं।

उसके चंद दिनों बाद क्रिसमस पड़ा लेकिन पूजा ने क्रिसमस के दिन अपना फोन साइलेंट कर दिया और गाने सुनते हुए अपनी चार बिल्लियों के साथ घर में बैठी रहीं। खाना खाया और बिना ड्रिंक किए सो गईं। अगले दिन दिल्ली और लाहौर समेत कई जगहों पर छुट्टियां मनाने निकल गईं। पहले वो जब घूमने जाती थीं, वाइन के साथ ही शाम बीतती थी। पर इस बार उसकी जरूरत नहीं पड़ी। दुनिया उनकी नजरों के सामने थी। क्रिसमस और नया साल तो निकल गया।

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पर मुश्किल अब शुरु हुई थी। पूजा का जन्मदिन आ रहा था। दोस्त आते, प्रेशर बनता। पीना पड़ता। पूजा ने खुद भी सोचा कि एक पैग तो लिया ही जा सकता है। सब लोग आए। लेकिन उस दिन भी पूजा ने एक पैग भी नहीं लिया। ये बड़ी जीत थी। जो शराब का आदी होता है, उसके लिए ये बहुत ज्यादा मुश्किल होता है। पूजा बाॅलीवुड की दुनिया में पली बढ़ी हैं, वहां शराब पीना पिलाना सामान्य था, उन्होंने 23 की उम्र में उन्होंने पहली सिगरेट पी थी। वो कहती हैं कि कोकेन कभी नहीं ली। पर शराब वो 16 साल की उम्र से पी रही हैं।

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फिल्म इंडस्ट्री के लोगों के लिए ये बहुत बड़ी बात नहीं थी। पूजा कहती हैं कि शराब बड़ा आराम देती है। शामें खुशनुमा हो जाती हैं। अब तो कॉर्पोरेट और बिजनेस के लोग भी पीने लगे हैं। लोगों के काम में इतना दबाव आ जाता है कि लोग पीने लगते हैं। सफलता और असफलता दोनों में ये जरूरी हो जाता है। फिल्म हिट हुई, तो शराब में डूबे। फ्लॉप हुई तो डूबे। शराब पीने के बारे में पूजा कहती हैं कि मेरे पापा ने कोई काम आधे मन से नहीं किया। मुझे भी वही जीन मिले हैं। इसीलिए जब मैं पीती हूं, तो दबा के पीती हूं।

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शराब के प्रभाव को पूजा ने देखा है। शराब शरीर को खराब कर देता है। दिमाग को कुंद कर देता है और आप जिनके साथ घूमने जाते हैं, उनके बारे में आपके विचार खराब कर देता है। पूजा के पापा मम्मी की शादी टूटने में भी शराब का अहम रोल रहा है। खुद पूजा का पति शराब पीता था, वो रिश्ता भी टूटा। शराब से दोस्त की मौत हुई और शराब पीकर गम भुलाया गया। पर अब पूजा दृढ़ हैं। उनके घर में ही बार है। दोस्तों के लिए शराब उपलब्ध है। पर पूजा खुद पर नियंत्रण रखती हैं।

चीयर्स डेस्क

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