महंगा होगा यूपी में शराब दुकान मालिक बनना 

उत्तर प्रदेश सरकार ने शराब व्यवसायियों को राहत देने के साथ झटके भी दिये हैं. नई नीति में सरकार ने आवेदन में  प्रोसेसिंग फीस बढा दी हैं जिससे शराब व्यवसायियों को काफी  परेशानी हो रही हैं । आबकारी विभाग ने अगले वित्तीय वर्ष 2019-20 की आबकारी नीति में देशी और अंग्रेजी शराब के साथ बीयर की दुकानों के आवेदन में प्रोसेसिंग फीस 15 हजार रुपये से बढ़ा कर 18 हजार रुपये कर दी हैं साथ ही देशी शराब की बेसिक लाइसेंस फीस में दो रुपये प्रति लीटर की वृद्धि के साथ अंग्रेजी शराब और बीयर की लाइसेंस फीस में 15 फीसदी की वृद्धि की हैं मंजूर आबकारी नीति में देशी शराब की दुकानों के कोटे में कोई वृद्धि नहीं की गई सरकार ने अंग्रेजी शराब की दुकानों में बिक्री का कोई कोटा तय नहीं किया हैं हालांकि, इसकी आशंका को लेकर शराब व्यवसायी काफी परेशान थे.

आबकारी नीति में देशी और अंग्रेजी शराब के साथ बीयर की दुकानों के आवेदन में प्रॉसेसिंग फीस 15 हजार रुपये से बढ़ा कर 18 हजार रुपये कर दी है ।

देशी शराब की बेसिक लाइसेंस फीस में दो रुपये प्रति लीटर की वृद्धि के साथ अंग्रेजी शराब और बीयर की लाइसेंस फीस में 15 फीसदी की वृद्धि की है ।

देशी शराब : 2018-19 में सरकार ने देशी शराब की दुकानों के आवेदन के लिए प्रॉसेसिंग फीस 15 हजार रुपये तय की थी। नई आबकारी नीति के मुताबिक 2019-20 में तीन हजार रुपये बढ़ा कर प्रॉसेसिंग फीस 18 हजार रुपये की गई हैं इसी तरह 2018-19 में बेसिक लाइसेंस फीस 28 रुपये प्रति बल्क लीटर थी। अगले साल के लिए बेसिक लाइसेंस फीस में दो रुपये की वृद्धि कर इसे तीस रुपये प्रति बल्क लीटर किया गया हैं देशी शराब की दुकानों के लिए तय कोटे में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई हैं देशी शराब की दुकानों के लिए जो कोटा 2018-19 के लिए तय था, वही कोटा अगले साल के लिए भी रहेगा । देशी शराब की जिन दुकानों का नवीनीकरण होना हैं, उनकी नवीनीकरण फीस (वर्ष 2017-18 के हिसाब से) करीब 20 फीसदी बढ़ाई गई हैं नगर निगम क्षेत्र की दुकानों का नवीनीकरण शुल्क 66 हजार रुपये से बढ़ा कर 75 हजार रुपये किया गया था। इसी तरह नगर पालिका क्षेत्र की दुकानों का नवीनीकरण शुल्क 55 हजार से बढ़ा कर 70 हजार, नगर पंचायत की दुकानों का 45 हजार से बढ़ा कर 55 हजार और देहात क्षेत्र की दुकानों का 19 हजार से बढ़ा कर 25 हजार रुपये किया गया हैं

अंग्रेजी शराब : अंग्रेजी शराब की दुकानों की लाइसेंस फीस में करीब 15 फीसदी की वृद्धि की गई हैं नगर निगम सीमा की दुकानों के लिए पहले लाइसेंस फीस 9.85 लाख थी, जिस बढ़ा कर अगले साल के लिए 11.30 लाख रुपये किया गया हैं इसी तरह नगर पालिका क्षेत्र की दुकानों की लाइसेंस फीस 3.35 लाख से बढ़ा कर 3.85 लाख रुपये, नगर पंचायत की दुकानों की लाइसेंस फीस 1.60 लाख से बढ़ा कर 1.85 लाख और देहात क्षेत्र की दुकानों की लाइसेंस फीस 85 हजार से बढ़ा कर एक लाख रुपये की गई हैं.

इसी तरह जिन अंग्रेजी शराब दुकानों का नवीनीकरण होना हैं, उनकी नवीनीकरण फीस (वर्ष 2017-18 के हिसाब से) करीब बीस फीसदी बढ़ाई गई हैं नगर निगम क्षेत्र की दुकानों के लिए 2017-18 में नवीनीकरण शुल्क 70 हजार रुपये प्रति दुकान था। अब उसे बढ़ा कर 85 हजार रुपये किया गया था। इसी तरह नगर पालिका क्षेत्र की दुकानों का नवीनीकरण शुल्क 60 हजार से बढ़ा कर 75 हजार, नगर पंचायत की दुकानों का 45 हजार से बढ़ा कर 55 हजार और देहात क्षेत्र की दुकानों का 23 हजार से बढ़ा कर 30 हजार रुपये किया गया हैं.

बीयर शॉप : बीयर की नई दुकानों के लिए लाइसेंस फीस लाइसेंस फीस में करीब 15 फीसदी की वृद्धि की गई हैं नगर निगम सीमा की दुकानों के लिए पहले लाइसेंस फीस 1.95 लाख थी, जिस बढ़ा कर अगले साल के लिए 2.25 लाख रुपये, नगर पालिका क्षेत्र की दुकानों की लाइसेंस फीस 1.05 लाख से बढ़ा कर 1.20 लाख रुपये, नगर पंचायत की दुकानों की लाइसेंस फीस 60 हजार रुपये से बढ़ा कर 70 हजार और देहात की दुकानों की लाइसेंस फीस 65 हजार रुपये की गई हैं

चीयर्स डेस्क

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